आसियान शिखर सम्मेलन में बोले पीएम मोदी: “21वीं सदी आसियान देशों की सदी, भारत साझा मूल्यों का साझेदार”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअली हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आसियान देशों को “साझा मूल्यों की डोर से बंधा परिवार” बताते हुए कहा कि 21वीं सदी आसियान देशों की सदी है। यह बैठक इस बार मलयेशिया में आयोजित की जा रही है।
“आसियान परिवार का हिस्सा बनकर खुशी है” : पीएम मोदी
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मलयेशियाई प्रधानमंत्री और मेरे मित्र अनवर इब्राहिम, आपने मुझे आसियान परिवार में शामिल होने का अवसर दिया, इसके लिए मैं आभारी हूं। मैं आपको इस सफल शिखर सम्मेलन के लिए बधाई देता हूं।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस वर्ष के आसियान शिखर सम्मेलन का विषय समावेशीपन और स्थिरता (Inclusiveness and Stability) है, जो हमारे साझा वैश्विक प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल समावेशन, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती जैसे मुद्दों पर भारत और आसियान देश मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
फिलीपींस और थाईलैंड का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “भारत के देश समन्वयक की भूमिका को कुशलता से निभाने के लिए मैं फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस का धन्यवाद करता हूं।” इसके साथ ही उन्होंने थाईलैंड की राजमाता के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “भारत की जनता की ओर से मैं थाईलैंड के राजपरिवार और वहां की जनता के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट करता हूं।”
भारत-आसियान साझेदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और आसियान देशों के बीच संबंध विश्वास, पारस्परिक सम्मान और साझा समृद्धि पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में स्थिरता, शांति और विकास को लेकर आसियान देशों के साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

















