रांची में गणतंत्र दिवस 2026 की तैयारियां जोरों पर, 12 विभागों की झांकियां होंगी मुख्य आकर्षण
रांची : जिला प्रशासन ने गणतंत्र दिवस समारोह-2026 की तैयारियों को लेकर तेजी से कार्य शुरू कर दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में उपायुक्त ने मोरहाबादी मैदान में होने वाले मुख्य समारोह के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। इसमें शामिल प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
– आगंतुकों के लिए वाटरप्रूफ पंडाल, गैलरी और कुर्सियों की व्यवस्था
– मैदान का समतलीकरण, बैरिकेटिंग, स्टेज और साउंड सिस्टम के लिए टॉवर निर्माण
– विद्युत व्यवस्था, साउंड प्रूफ जेनरेटर, पेयजल, वीआईपी टॉयलेट और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था
– सड़कों की मरम्मत, सफाई-सफाई, चिकित्सा कैंप, एम्बुलेंस, अग्निशमन और पार्किंग की व्यवस्था
– झांकियों के लिए ट्रेलर/बड़े वाहनों की पार्किंग और यातायात प्रबंधन
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं ताकि समारोह भव्य और सुचारू रूप से संपन्न हो।
इस बार गणतंत्र दिवस के मुख्य आकर्षण के रूप में 12 विभागों की झांकियां निकाली जाएंगी। ये झांकियां झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, नीतियों के साथ-साथ राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।
विभागवार झांकियां इस प्रकार हैं:
1. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
2. ग्रामीण विकास विभाग
3. गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग
4. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
5. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग
6. सूचना एवं जन संपर्क विभाग
7. पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग
8. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग
9. खादी ग्रामोद्योग बोर्ड
10. परिवहन विभाग
11. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग
12. उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग
परेड में लगभग 15 प्लाटून और 3 बैंड
समारोह में लगभग 15 प्लाटून और 3 बैंड द्वारा भव्य परेड प्रस्तुत की जाएगी। परेड का पूर्वाभ्यास 18 जनवरी 2026 से शुरू होकर 23 जनवरी 2026 तक चलेगा, जबकि 24 जनवरी 2026 को अंतिम रिहर्सल होगी।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि यह समारोह न केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक होगा, बल्कि झारखंड की विकास यात्रा और सांस्कृतिक वैभव को भी व्यापक रूप से प्रदर्शित करेगा। सभी नागरिकों से अपील कि गई है कि वे इस भव्य आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

















