Ranchi News:-एक महीने बाद भी नहीं शुरू हुई राजीव एक्का का केस अभी लग सकते है एक और महीना

Ranchi News:-एक महीने बाद भी नहीं शुरू हुई राजीव एक्का का केस अभी लग सकते है एक और महीना

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Ranchi News

प्रेरणा चौरसिया

Drishti  Now  Ranchi

मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव राजीव एक्का द्वारा एक ब्रोकर के निजी कार्यालय में बैठ कर गृह विभाग की संवेदनशील फाइलों को निबटाने के आराेपाें की जांच के लिए बने न्यायिक आयोग ने अभी तक जांच शुरू नहीं की है। इस संबंध में पूछने पर एक सदस्यीय न्यायिक आयोग के अध्यक्ष रिटायर चीफ जस्टिस वीके गुप्ता ने कहा कि अभी वह खनन व उसके परिवहन में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रहे हैं। मई में इस मामले की जांच के लिए रांची अाएंगे। उसी बैठक में वह राजीव अरुण एक्का मामले की जांच शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उसी समय तिथि भी तय करेंगे। इस तरह राजीव अरुण एक्का मामले की जांच शुरू होने में अभी एक माह और लगेगा।

एक माह बीत गए, छह माह में आयोग को देनी है रिपोर्ट
राजीव एक्का का जब वीडियो सामने आया तो राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार को दलाल चला रहे हैं। तमाम आरोपों और मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 13 अप्रैल को झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व चीफ जस्टिस वीके गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था। इस आयोग का कार्यकाल छह महीने निर्धारित किया गया है।

पांच मार्च को बाबूलाल ने एक वीडियो दिखा लगाया था आरोप, कहा- ब्रोकर के यहां फाइल निपटा रहे हैं एक्का

भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि गृह सह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव एक्का पावर ब्रोकर विशाल चौधरी के घर सरकार की संवेदनशील फाइलों को निपटाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्का उस ब्रोकर के यहां फाइल निपटा रहे हैं, जिसके ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी। इसलिए इस मामले की भी जांच होनी चाहिए। इसके बाद राज्य सरकार ने एक्का का ट्रांसफर कर उन्हें पंचायती राज विभाग का प्रधान सचिव बनाया।

आयोग के अध्यक्ष अभी खनन मामले की जांच में व्यस्त

मुख्यमंत्री ने अवैध खनन और उसके परिवहन में रेल अधिकारियों व अन्य की संलिप्तता की जांच के लिए भी जस्टिस वीके गुप्ता की अध्यक्षता में ही एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है। 1 मार्च को गठित इस आयोग का कार्यकाल भी 6 माह निर्धारित है। सूत्रों के अनुसार खनन व उसके परिवहन में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए जस्टिस गुप्ता मार्च के अंत में रांची आए थे। उन्होंने सीएस, परिवहन सचिव, खान सचिव सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी।

रूपा तिर्की मामले की जांच भी जस्टिस गुप्ता आयोग ने की थी
साहिबगंज की चर्चित पुलिस सब इंस्पेक्टर रूपा तिर्की की संदिग्ध मौत की जांच की जिम्मेवारी भी राज्य सरकार ने जस्टिस वीके गुप्ता को ही सौंपी थी। हालांकि इसकी जांच रिपोर्ट जस्टिस गुप्ता ने सरकार को ससमय सौंप दी। हालांकि उसमें रूपा की मौत के लिए किसी को जिम्मेवार नहीं माना गया था। बाद में हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई काे साैंप दी।

 

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