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साहिबगंज अवैध खनन मामले में CBI का शिकंजा कसा, नींबू पहाड़ तक जांच पहुंची

साहिबगंज अवैध खनन मामले में CBI का शिकंजा कसा, नींबू पहाड़ तक जांच पहुंची

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रांची/साहिबगंज, 7 जनवरी : झारखंड के साहिबगंज जिले में करोड़ों रुपये के अवैध पत्थर खनन घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष टीम ने साहिबगंज पहुंचकर स्थलीय जांच शुरू कर दी है। टीम ने नींबू पहाड़ क्षेत्र में अवैध खनन स्थलों का निरीक्षण किया और संकरी गलियों तक पहुंचकर साइटों की बारीकी से पड़ताल की।

सूत्रों के अनुसार, रांची से आई छह सदस्यीय CBI टीम जिले में तीन-चार दिनों तक कैंप करेगी। जांच के दौरान टीम ने जिला खनन अधिकारी कृष्णा कुमार किस्कू से माइनिंग लीज संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की। प्रारंभिक जांच में नींबू पहाड़ में करीब 100 करोड़ रुपये के अवैध खनन की पुष्टि हुई है। वैज्ञानिक आकलन के आधार पर मुख्य रूप से तीन व्यक्तियों (यादव बंधु) की भूमिका सामने आई है।CBI की इस कार्रवाई से खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जांच अधिकारी अवैध खनन के सभी पहलुओं, जिसमें माफिया के साथ-साथ प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण देने वालों की भूमिका भी शामिल है, की बारीकी से छानबीन कर रहे हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

यह घोटाला साहिबगंज के नींबू पहाड़ में बड़े पैमाने पर अवैध पत्थर खनन से जुड़ा है, जिसकी कुल अनुमानित राशि पहले ED जांच में 1000-1500 करोड़ रुपये बताई गई थी। मामला तब सुर्खियों में आया जब स्थानीय निवासी विजय हांसदा ने पंकज मिश्रा (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी) सहित कई लोगों पर अवैध खनन के आरोप लगाए।

2023 झारखंड हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया।

2024: CBI ने कई ठिकानों पर छापे मारे, नकदी, सोना-चांदी और दस्तावेज जब्त किए।

2025 दिसंबर: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका खारिज कर CBI को चार्जशीट दाखिल करने तक पूरी जांच की अनुमति दी।

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