एससीओ शिखर सम्मेलन 2025: तियानजिन में शुरू हुई बैठक, पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन मौजूद
तियानजिन, चीन: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का 25वां शिखर सम्मेलन आज 31 अगस्त 2025 को चीन के तियानजिन में शुरू हुआ। इस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित 20 से अधिक विश्व नेता शामिल हुए। यह पीएम मोदी का सात साल बाद चीन का पहला दौरा है, जो वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एससीओ शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका द्वारा भारत, चीन और रूस पर लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंधों ने वैश्विक आर्थिक माहौल को जटिल बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 50% टैरिफ नीति ने भारत और चीन को एकजुट होने के लिए प्रेरित किया है। इस संदर्भ में, यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ की एकता और वैकल्पिक विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन के पहले दिन, पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा, “हम आपसी सम्मान, विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” शी जिनपिंग ने इस बात पर बल दिया कि सीमा विवाद को द्विपक्षीय संबंधों को परिभाषित नहीं करना चाहिए। दोनों देशों ने सीमा पर शांति बनाए रखने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही।
आज पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में भारत-रूस के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग और रूसी तेल आयात पर अमेरिकी दबाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि पीएम मोदी सम्मेलन के पूर्ण सत्र में भारत की क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की रणनीति को रेखांकित करेंगे।
2001 में स्थापित एससीओ में वर्तमान में 10 स्थायी सदस्य और 16 पर्यवेक्षक देश शामिल हैं। इस साल का शिखर सम्मेलन संगठन के इतिहास में सबसे बड़ा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन के बीच तनाव जैसे मुद्दे संगठन के भीतर ठोस सहयोग को चुनौती दे सकते हैं। फिर भी, यह मंच ग्लोबल साउथ के लिए एक वैकल्पिक मंच के रूप में उभर रहा है।
सम्मेलन में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू सहित कई अन्य नेता मौजूद हैं।

















