सिमडेगा जिले में शुरू हुआ फाइलेरिया उन्मूलन अभियान: 1 लाख 84 हजार 20 लोगों को खिलाई जाएगी दवा
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : स्वास्थ्य विभाग के तहत फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ आज कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में भव्य कार्यक्रम के साथ किया गया। उपायुक्त कंचन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर और स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन सामाद, जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक राम, स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कार्यक्रम में सभी पदाधिकारियों के साथ दवा का सेवन किया और विद्यालय की सभी छात्राओं को दवा खिलाई। बच्चों को फाइलेरिया रोग के कारणों, बचाव के उपायों तथा दवा सेवन की सही विधि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है और धीरे-धीरे शरीर को कमजोर कर देती है। सिमडेगा जिला जंगलों से घिरा होने के कारण मच्छरों की संख्या अधिक है, इसलिए यहां फाइलेरिया का खतरा ज्यादा रहता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे नियमित दवा सेवन करें और अपने परिवार तथा पड़ोसियों को भी जागरूक करें। मच्छरदानी का उपयोग, साफ-सफाई तथा अन्य बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी।
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अनुरोध किया कि दवा खाली पेट न लें, स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में ही सेवन करें और दवा घर न ले जाएं, बल्कि मौके पर ही खाएं ताकि अभियान सफल हो।
सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन सामाद ने बताया कि अभियान की तैयारियां पिछले 10-15 दिनों से चल रही थीं और जिले भर में प्रचार-प्रसार किया गया। यह अभियान 11 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें जिले के कुल **1,84,020** लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा (डीईसी एवं एल्बेंडाजोल) खिलाने का लक्ष्य है। एएनएम, सहिया एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे।
उन्होंने सावधानियां बताईं कि दवा भोजन के बाद लें। गंभीर बीमारी से पीड़ित, गर्भवती महिलाएं तथा 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे दवा नहीं लेंगे। सिमडेगा जिले को वर्ष 2027 तक फाइलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य है, जो सामूहिक प्रयास से समय से पहले भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने पोलियो उन्मूलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी तरह फाइलेरिया को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि सिमडेगा, कोलेबिरा और पाकरटांड़ प्रखंडों में यह अभियान आज से 25 फरवरी तक चलेगा। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने फाइलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें, दवा का सेवन सुनिश्चित करें और फाइलेरिया मुक्त झारखंड तथा भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग दें।

















