तेज प्रताप यादव ने VVIP पार्टी के साथ किया गठबंधन, RJD को भी दिया ऑफर
पटना : बिहार की सियासत में एक नया मोड़ आया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से निष्कासित तेज प्रताप यादव ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP) के साथ गठबंधन का ऐलान किया है। पटना के मौर्य होटल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेज प्रताप ने इस गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा, “हमारे पुराने दोस्त हमारे साथ जुड़ रहे हैं। एक दोस्त अब सहारा बन रहा है। हमें साथ मिलकर आगे बढ़ना है।”
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तेज प्रताप ने न केवल VVIP के साथ गठबंधन किया, बल्कि भोजपुरिया जन मोर्चा (BJM), प्रगतिशील जनता पार्टी (PJP), वाजिब अधिकार पार्टी (WAP) और संयुक्त किसान विकास पार्टी (SKVP) जैसे छोटे दलों को भी अपने गठबंधन में शामिल किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि हमारा गठबंधन सामाजिक न्याय, सामाजिक हक और बिहार के संपूर्ण विकास के लिए काम करेगा। हम लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जय प्रकाश नारायण के सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
तेज प्रताप ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव की पार्टी RJD और कांग्रेस को भी गठबंधन में शामिल होने का ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि अगर RJD और कांग्रेस हमारे साथ जुड़ना चाहें, तो उनका स्वागत है। हम यादव और मुसलमान समाज को एकजुट कर बिहार में बदलाव लाएंगे। हालांकि, उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के खिलाफ कुछ लोग साजिश रच रहे हैं, जिसका खुलासा जल्द होगा।
तेज प्रताप ने साफ किया कि वह महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से वह 2015 में विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दावा किया है कि तेजस्वी कभी महुआ से चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्हें मेरा आशीर्वाद है। उन्होंने मौजूदा RJD विधायक मुकेश रोशन पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वह सीट के लिए रो रहे हैं, तो मैं उन्हें झुनझुना पकड़ा दूंगा।
तेज प्रताप ने VVIP की तुलना में मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को “बहरूपिया पार्टी” करार दिया। उन्होंने कहा कि VVIP ही असली पार्टी है, जिसकी निषाद समाज में मजबूत पकड़ है। गौरतलब है कि VVIP के अध्यक्ष प्रदीप निषाद पहले मुकेश सहनी के करीबी थे, लेकिन 2021 में दोनों के बीच मतभेद हो गए थे।
तेज प्रताप को 25 मई 2025 को RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पारिवारिक मूल्यों का उल्लंघन करने के आरोप में पार्टी और परिवार से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। यह कार्रवाई तब हुई, जब तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव के साथ अपने कथित 12 साल पुराने रिश्ते का खुलासा किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था।

















