झारखंड डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी की याचिका भी शामिल है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि अनुराग गुप्ता की डीजीपी के पद पर नियुक्ति में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि गुप्ता की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के 2006 के प्रकाश सिंह मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करती है। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा तीन वरिष्ठ और योग्य आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार की जानी चाहिए, जिसमें से राज्य सरकार को डीजीपी का चयन करना होता है। साथ ही, डीजीपी को न्यूनतम दो साल का कार्यकाल दिया जाना अनिवार्य है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि अनुराग गुप्ता को यूपीएससी की अनुशंसित सूची में शामिल किए बिना नियुक्त किया गया। इसके अलावा, गुप्ता की सेवानिवृत्ति की तारीख 30 अप्रैल 2025 थी, क्योंकि केंद्र सरकार के नियमों के तहत वह 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। हालांकि, झारखंड सरकार ने उनके कार्यकाल को अप्रैल 2026 तक बढ़ाने के लिए केंद्र को पत्र लिखा था, जिसे केंद्र सरकार ने अस्वीकार कर दिया।
इसके अतिरिक्त, याचिकाओं में झारखंड सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवमानना का भी आरोप है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर 2024 को राज्य सरकार और अनुराग गुप्ता से जवाब मांगा था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पूर्व डीजीपी अजय कुमार सिंह को उनके दो साल के कार्यकाल (14 फरवरी 2023 से फरवरी 2025 तक) पूरा होने से पहले ही हटा दिया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।
यह मामला झारखंड में राजनीतिक और कानूनी स्तर पर विवाद का विषय बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई में इस मामले पर महत्वपूर्ण निर्णय की उम्मीद है।
















