जमशेदपुर : गड्ढों में पौधे लगाकर ग्रामीणों ने पूछा- सड़क बनानी है या बागीचा? गोविंदपुर अन्ना चौक पर अनोखा विरोध
जमशेदपुर। गोविंदपुर के अन्ना चौक के पास सोमवार को सड़क की बदहाली के खिलाफ लोगों ने ऐसा विरोध किया, जिसने प्रशासन और जिम्मेदार एजेंसियों का ध्यान खींचा। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और उनमें जमा पानी से परेशान ग्रामीणों ने गड्ढों में ही पौधे लगा दिए। यह प्रदर्शन सुबह हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद किया गया।
जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह के नेतृत्व में हुए इस विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अन्ना चौक और आसपास का इलाका लंबे समय से खराब सड़क की समस्या झेल रहा है। बारिश के बाद सड़क की हालत और बिगड़ गई है। जगह-जगह पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों के मुताबिक, इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि समस्या केवल सड़क के गड्ढों तक सीमित नहीं है, बल्कि पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो जाते हैं।
प्रदर्शन के दौरान डॉ. परितोष सिंह ने सड़क की स्थिति को लेकर प्रशासन और आसपास की औद्योगिक इकाइयों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जेमको चौक से अन्ना चौक के बीच कई औद्योगिक कंपनियां हैं, लेकिन आम लोगों के इस्तेमाल वाली सड़क की बदहाली दूर करने को लेकर अपेक्षित पहल नजर नहीं आ रही है।

उन्होंने कहा कि लगातार खराब सड़क के कारण लोगों की सुरक्षा खतरे में है। प्रशासन को अब सिर्फ आश्वासन देने के बजाय सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था पर काम करना चाहिए।
डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर औद्योगिक क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाले आंदोलन की चेतावनी भी दी।
प्रदर्शन में जम्मी भास्कर, पिंकी सिंह, रमन सिंह, राजबान सिंह, गोविंदा लोहरा, इंद्रजीत सिंह और दिनेश सिंह सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में इस मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।


















