Ground caves in again in Jharia; 182 families face looming danger.

धनबाद : झरिया में फिर धंसी जमीन, 182 परिवारों पर मंडराया खतरा; PM सलाहकार ने BCCL से सुरक्षा और पुनर्वास पर मांगा जवाब

धनबाद। झरिया में भूमिगत आग और भू-धंसान का खतरा एक बार फिर सामने आया है। सोमवार सुबह लिलोरी पथरा के बालूगद्दा इलाके में अचानक तेज धमाके के साथ जमीन धंस गई। घटना में सुमित कुमार के घर के ठीक बाहर बड़ा गड्ढा बन गया। उस समय सुमित घर के बाहर मौजूद थे। गनीमत रही कि वह इसकी चपेट में नहीं आए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में जमीन के नीचे आग जल रही है। जमीन धंसने के बाद जहरीली गैस के रिसाव की आशंका से लोगों में दहशत है। कई मकानों की दीवारों और नींव में पहले से दरारें बताई जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां रहने वाले 182 परिवारों को खतरे की जानकारी होने के बावजूद अब तक सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया है।

RKDF
advertisement

सर्वे और सूची के बाद भी नहीं हुआ पुनर्वास

ग्रामीणों ने BCCL प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्र का सर्वे हो चुका है और 182 परिवारों की सूची भी तैयार की गई है, लेकिन पुनर्वास की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई।

स्थानीय लोगों की मांग है कि सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए। साथ ही, जिन परिवारों के नाम पूर्व की सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी नए सिरे से सर्वे कर पुनर्वास प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

Kashmir vastaralay
Advertisment

धनबाद पहुंचे PM सलाहकार तरुण कपूर

इसी बीच सोमवार को प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर दो दिवसीय दौरे पर धनबाद पहुंचे। कोयला भवन स्थित BCCL मुख्यालय में उन्होंने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में कोयला उत्पादन, वाशरी क्षमता विस्तार, आधुनिक खनन तकनीक और CBM परियोजनाओं के अलावा झरिया क्षेत्र में खदान सुरक्षा, भूमिगत आग और पुनर्वास की स्थिति पर भी चर्चा हुई।

बताया गया कि झरिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और पुनर्वास को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। प्रभावित इलाकों में तकनीकी सर्वे, जोखिम वाले क्षेत्रों का मानचित्रण और जरूरत के मुताबिक परिवारों की तत्काल शिफ्टिंग पर जोर दिया गया।

182 परिवारों की सुरक्षा अब सबसे बड़ा सवाल

लिलोरी पथरा की ताजा घटना ने एक बार फिर झरिया की भूमिगत आग और भू-धंसान की समस्या को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खतरा अब सिर्फ रिपोर्ट और सर्वे तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके घरों तक पहुंच चुका है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BCCL और प्रशासन समय रहते इन 182 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा पाएंगे? या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर कार्रवाई तेज होगी।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now