धनबाद में भू-धंसान का तांडव: टंडाबाड़ी में 20 घर जमींदोज, धमाके के साथ फैली आग और धुआं, कई लोग घायल।
धनबाद में भू-धंसान का तांडव: टंडाबाड़ी में 20 घर जमींदोज, धमाके के साथ फैली आग और धुआं, कई लोग घायल।
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By Akash Singh
कोयलांचल धनबाद में भू-धंसान का खतरा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टंडाबाड़ी बस्ती का है, जहां गुरुवार रात अचानक हुए भू-धंसान से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
रात करीब 9:30 बजे एक जोरदार धमाके के साथ हुए भीषण भू-धंसान में 20 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ धुआं-धुआं फैल गया। एक तेज धमाके के साथ जमीन धंसने लगी, जिसकी चपेट में आने से कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं और कुछ घर आंशिक रूप से जमींदोज हो गए।
पूर्व प्रखंड प्रमुख का घर भी हुआ जमींदोज
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बाघमारा की पूर्व प्रखंड प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया का घर भी इस धंसान की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गया है। घटना के दौरान घरों के अंदर रखी मोटरसाइकिल, मारुति कार और लाखों रुपये का घरेलू सामान जमीन के अंदर समा गया।
बहादुरी से बची कई जानें, चार लोग घायल
धंसान के दौरान कई लोग घरों में फंस गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हरिया हाड़ी के घर में दो महिलाएं फंस गई थीं, जिन्हें लोगों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकाला। वहीं, जया कुमारी ने अदम्य साहस दिखाते हुए घर में फंसे दो-तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना में सूरज राम, उनकी मां, बहन और भांजा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूरज राम के दोनों पैर टूट गए हैं। सभी घायलों का इलाज असर्फी अस्पताल में चल रहा है।
सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी
घटना के वक्त बस्ती के अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे। धमाके की आवाज सुनते ही लोग जान बचाकर बाहर की ओर भागे। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता और सतर्कता की वजह से एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया। हालांकि, इस घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे तत्काल इलाज के लिए धनबाद के असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दहशत का माहौल, सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन
घटना के बाद से टंडाबाड़ी बस्ती में डर और सन्नाटा पसरा हुआ है। जमीन के अंदर खाली हिस्से (Void) के कारण हुई इस धंसान ने लोगों को अपना आशियाना छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। शुक्रवार सुबह से ही प्रभावित परिवारों ने अपने घरों से जरूरी सामान, बर्तन और कपड़े निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है। कई घर अब पूरी तरह खाली हो चुके हैं।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
राजाकोटी बस्ती पर मंडराया खतरा
टंडाबाड़ी के समीप स्थित राजाकोटी बस्ती के करीब 100 घर अब भी खतरे के निशान पर हैं। यहाँ कभी भी बड़ी अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है, जिससे इलाके के लोग भारी दहशत में जीने को मजबूर हैं।
















