भारत ने पहली बार शांतिकाल में 12 परमाणु हथियार किए तैनात, सिप्री रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: वैश्विक हथियार निगरानी संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) की ताजा रिपोर्ट में भारत की परमाणु क्षमता को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पहली बार शांतिकाल (Peacetime) में अपने 12 परमाणु हथियारों को परिचालन रूप से तैनात किया है। इसे भारत की परमाणु नीति और रणनीतिक तैयारी में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
सिप्री की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास वर्तमान में कुल 190 परमाणु हथियार हैं, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 180 थी। इस प्रकार एक वर्ष में भारत के परमाणु भंडार में 10 हथियारों की वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से 12 परमाणु हथियारों को “तैनात” (Deployed) श्रेणी में रखा गया है।
सिप्री ने पहली बार भारत के परमाणु भंडार के एक हिस्से को केवल भंडारित (Stored) हथियारों के बजाय परिचालन रूप से तैनात हथियारों की श्रेणी में शामिल किया है। इससे संकेत मिलता है कि भारत अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Nuclear Deterrence) को और अधिक प्रभावी एवं तत्पर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, चीन और पाकिस्तान के परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रमों में हो रहे विस्तार तथा बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारत अपनी रणनीतिक तैयारियों को मजबूत कर रहा है।
हालांकि भारत सरकार की ओर से सिप्री रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत लंबे समय से “विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता” (Credible Minimum Deterrence) और “पहले उपयोग नहीं” (No First Use) की परमाणु नीति का पालन करता रहा है।
सिप्री की रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण और सैन्य प्रतिस्पर्धा में तेजी देखी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश परमाणु संपन्न देश अपने परमाणु शस्त्रागार को आधुनिक बनाने और परिचालन क्षमता बढ़ाने में जुटे हुए हैं।

















