CPI(M) demands that seats reserved for tribals and Dalits not be reduced during delimitation.

परिसीमन में आदिवासी और दलित आरक्षित सीटें कम न हों, माकपा ने उठाई मांग

CPI(M) demands that seats reserved for tribals and Dalits not be reduced during delimitation.
CPI(M) demands that seats reserved for tribals and Dalits not be reduced during delimitation.

रांची: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के राज्य सचिवमंडल ने परिसीमन में अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या कम नहीं करने की मांग की है। पार्टी ने आदिवासी संगठनों की इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि परिसीमन आयोग को इस दिशा में स्पष्ट रूप से सुनिश्चित करना चाहिए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
Kashmir
advertisement

माकपा ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर वर्ष 2006 में झारखंड में परिसीमन की प्रक्रिया का पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों ने जोरदार विरोध किया था, जिसके बाद परिसीमन का काम स्थगित कर दिया गया था। पार्टी ने कहा कि जनसंख्या अनुपात के नाम पर आदिवासी आरक्षित सीटों का प्रतिशत घटाने या उनकी सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का डटकर विरोध किया जाएगा।

RKDF
advertisement

माकपा के अनुसार झारखंड संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाला राज्य है, जहां आदिवासी आबादी में लगातार कमी चिंता का विषय है। ऐसे में परिसीमन के दौरान आदिवासी और दलित समुदायों को मिले संवैधानिक संरक्षण को कमजोर करने वाला कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए।

माकपा ने केंद्र सरकार और परिसीमन आयोग से मांग की है कि एसटी और एससी के लिए आरक्षित सीटों के प्रतिशत अथवा संख्या में संभावित कमी से झारखंड में पैदा होने वाले असंतोष को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। पार्टी ने कहा कि आदिवासियों और दलितों के संवैधानिक अधिकार एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now