JPSC-JSSC कथित धांधली के खिलाफ आजसू छात्र संघ का आंदोलन, 2 सितंबर को निकलेगा पैदल मार्च
जमशेदपुर। JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए हमले के खिलाफ आजसू छात्र संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित आंदोलन के लिए अनुमति मांगी है।
आजसू छात्र संघ का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन ने छात्रों पर हुए कथित हमले की भी कड़ी निंदा की है।
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि हाल ही में छात्रों द्वारा सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक पुतला दहन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने छात्रों पर हमला किया। इस घटना में कई छात्रों के घायल होने का दावा किया गया है। उन्होंने हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
संघ की ओर से जिला प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की अनुमति देने की मांग की गई है।

2 सितंबर को साकची से निकलेगा मार्च
आजसू छात्र संघ के अनुसार, 2 सितंबर को शाम 5 बजे साकची आमबागान से पैदल मार्च निकाला जाएगा। मार्च साकची गोलचक्कर पहुंचेगा, जहां सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद छात्र उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचेंगे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे।

संगठन के नेताओं ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से शांतिपूर्ण कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति देने की मांग की। नेताओं का कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
आजसू छात्र संघ ने यह भी कहा है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जाएगा।

















