Jharkhand bandh on August 11 in protest against the lathi-charge on students.

छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में 11 अगस्त को BJP का झारखंड बंद का ऐलान

Jharkhand bandh on August 11 in protest against the lathi-charge on students.

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रांची: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP  ने मंगलवार, 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोमवार देर शाम प्रदेश कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में बंद की घोषणा की। भाजपा के मुताबिक बंद सुबह 8 बजे से शुरू होगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा जाएगा और कांवरियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने की बात कही गई है।

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आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर छात्रों के साथ दमनात्मक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से छात्र 14वीं JPSC PT समेत पिछले सात वर्षों में हुई भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने का रास्ता अपनाया।

उन्होंने कहा कि छात्रों पर कई बार लाठीचार्ज किया गया और रात में भी पुलिस कार्रवाई की गई। भाजपा ने दावा किया कि कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और कुछ छात्रों के लापता होने की सूचना भी सामने आई है। साहू ने इसे लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की।

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कांग्रेस चुप क्यों है?’

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस और राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राज्य सरकार से पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग करनी चाहिए। अगर सरकार जांच के लिए तैयार नहीं है तो कांग्रेस को समर्थन वापसी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

बाबूलाल बोले- छात्रों को वार्ता के नाम पर टहलाया गया

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्र पिछले कई दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक सरकार ने बातचीत के नाम पर छात्रों को लगातार टालने का काम किया।

मरांडी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताते हुए कहा कि 2024 से ही छात्र आंदोलनों के दौरान सरकार पर दमन के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भी छात्रों को आंदोलन स्थल पर टेंट लगाने तक की अनुमति नहीं दी गई।

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JSSC-CGL से लेकर PGT तक गड़बड़ी के आरोप गिनाए

बाबूलाल मरांडी ने पिछले वर्षों में हुई कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने JSSC सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा के रिजल्ट, JSSC-CGL, PGT परीक्षा और उत्पाद सिपाही भर्ती का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि JSSC-CGL परीक्षा में छात्रों को नेपाल ले जाकर प्रश्न रटवाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की CID जांच की दिशा बाद में बदल गई और जांच टीम में बदलाव किया गया।

उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की मौत का मुद्दा उठाते हुए मरांडी ने कहा कि JPSC की 11वीं-13वीं और 14वीं परीक्षाओं को लेकर भी अलग-अलग स्तर पर गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं।

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एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी पर भी उठाए सवाल

JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की CID द्वारा गिरफ्तारी पर भी बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भरोसा नहीं किया जा सकता और आशंका जताई कि मामले को आगे चलकर कमजोर किया जा सकता है।

उन्होंने JSSC के प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार को लेकर भी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।

सरकार को भरोसा है तो CBI जांच से परेशानी क्यों?’

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों की मांग केवल पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया कि यदि सरकार को लगता है कि भर्ती परीक्षाओं में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, तो CBI जांच कराने में परेशानी क्या है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल पूरे मामले की CBI जांच का आदेश देने की मांग की। मरांडी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में छात्रों के हित में हैं और उनकी किसी तरह की संलिप्तता नहीं है, तो उन्हें बिना विलंब CBI जांच का आदेश देना चाहिए।

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