छात्रों पर कार्रवाई को लेकर आदित्य साहू का सरकार पर हमला, बोले- ‘लाठी, वाटर कैनन और आंसू गैस से नहीं दबेगी आवाज’

रांची: बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता कर जेपीएससी-जेएसएससी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले करीब 20 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन और सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर सरकार को घेरा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में पिछले 20 दिनों से राज्य के भविष्य यानी छात्रों के साथ जिस तरह का बर्बरतापूर्ण और अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए विधानसभा के पास कंटीले तार लगाए गए, लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर राजनीति करना आता है, लेकिन झारखंड के छात्रों की आवाज उनके कानों तक नहीं पहुंच रही है।
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से हेमंत सोरेन सरकार चल रही है। ऐसे में राहुल गांधी को राज्य सरकार से बात करनी चाहिए और छात्रों की सीबीआई जांच की मांग पर गंभीरता से विचार करने के लिए सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी में नैतिकता है तो उन्हें झारखंड आकर छात्रों के साथ बैठना चाहिए और मुख्यमंत्री के दरवाजे पर धरना देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार छात्रों की मांग नहीं मानती है तो कांग्रेस को सरकार से समर्थन वापस लेकर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए और सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी दूसरे राज्यों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, लेकिन झारखंड में कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगने की हिम्मत नहीं दिखाते। उन्होंने राहुल गांधी से झारखंड आकर आंदोलन और अनशन कर रहे छात्रों से बातचीत करने की अपील की। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को चर्चा से डर लगता है और वे चर्चा से भागते हैं।

‘छात्रों के साथ कार्रवाई झारखंड के इतिहास का काला दिन’
आदित्य साहू ने दावा किया कि छात्रों ने पूरे आंदोलन के दौरान मर्यादा बनाए रखी और किसी नेता या राजनीतिक दल के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बावजूद छात्रों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई की गई, वह झारखंड के इतिहास में काला दिन है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें पुलिसकर्मियों के काम की सराहना और उन्हें सम्मानित किए जाने की बात कही गई है। आदित्य साहू ने सवाल किया कि आखिर पुलिस ने कौन सा अच्छा काम किया? उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, वाटर कैनन चलाया गया और छात्रों के कपड़े तक फाड़े गए।

‘अब पूरे देश का मुद्दा बन चुका है छात्र आंदोलन’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लाठी, वाटर कैनन और आंसू गैस के जरिए छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। अब यह आंदोलन सिर्फ झारखंड के छात्रों का आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि पूरे देश का मुद्दा बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि देशभर के सांसदों ने झारखंड के छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है। बीजेपी और एनडीए के सांसद पूरी मजबूती के साथ छात्रों के साथ खड़े हैं।

झारखंड बंद को व्यापक समर्थन मिलने का दावा
झारखंड बंद को लेकर आदित्य साहू ने कहा कि बीजेपी की ओर से बीती रात बंद का आह्वान किया गया था और मंगलवार को बंद को जनता का व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने दावा किया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में दुकानें बंद रहीं, सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और बीजेपी कार्यकर्ता बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर पार्टी लगातार उनके साथ खड़ी है और परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग आगे भी जारी रहेगी।



















