लगातार पांचवीं बार ‘संसद रत्न’ सम्मान से नवाजे गए विद्युत वरण महतो, भाजपा ने जताया गर्व
जमशेदपुर। जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो को लगातार पांचवीं बार प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर भाजपा जमशेदपुर महानगर ने खुशी जताई है। नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में सांसद को यह सम्मान प्रदान किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने सांसद विद्युत वरण महतो को बधाई देते हुए कहा कि लगातार पांचवीं बार यह सम्मान मिलना जमशेदपुर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सांसद ने अपने लंबे संसदीय कार्यकाल के दौरान क्षेत्र की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को संसद में लगातार प्रमुखता से उठाया है।
संजीव सिन्हा के मुताबिक, जमशेदपुर और झारखंड से जुड़े रेल, सड़क, उद्योग, रोजगार, आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं जैसे विषयों पर सांसद की सक्रियता लगातार बनी रही है। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्यों में उनकी भागीदारी और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का यह सम्मान एक महत्वपूर्ण पहचान है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सांसद की व्यक्तिगत मेहनत के साथ जमशेदपुर की जनता के भरोसे और भाजपा कार्यकर्ताओं के योगदान को भी दर्शाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद आगे भी क्षेत्र के विकास के लिए इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
जनता की आवाज संसद तक पहुंचाने का सम्मान : प्रेम झा
भाजपा जमशेदपुर महानगर के मीडिया प्रभारी प्रेम झा ने भी सांसद को बधाई देते हुए कहा कि लगातार पांचवीं बार ‘संसद रत्न’ सम्मान मिलना उनके संसदीय प्रदर्शन और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विद्युत वरण महतो ने संसद में जमशेदपुर और झारखंड से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को उठाया है। प्रश्न पूछने से लेकर विभिन्न नीतिगत चर्चाओं में भागीदारी तक उनकी सक्रियता लगातार देखने को मिली है। उनके अनुसार यह सम्मान केवल सांसद की उपलब्धि नहीं, बल्कि जमशेदपुर की जनता के विश्वास और समर्थन का भी प्रतीक है।
2010 में हुई थी ‘संसद रत्न’ पुरस्कार की शुरुआत
‘संसद रत्न पुरस्कार’ की शुरुआत वर्ष 2010 में प्राइम पॉइंट फाउंडेशन और ई-मैगजीन ‘प्रीसेंस’ की ओर से की गई थी। इसकी शुरुआत भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर हुई थी। पुरस्कार का उद्देश्य संसद में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले सांसदों और संसदीय समितियों को उनके योगदान तथा जनहित से जुड़े कार्यों के लिए सम्मानित करना है।
इस वर्ष पुरस्कार के लिए 10 लोकसभा सांसदों, दो राज्यसभा सांसदों और चार संसदीय स्थायी समितियों को सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।

















