तंबाकू निषेध दिवस पर हम सभी को जागरूक और सचेत होने की आवश्यकता : उपायुक्त.

तंबाकू निषेध दिवस पर हम सभी को जागरूक और सचेत होने की आवश्यकता : उपायुक्त.

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देवघर : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर तम्बाकू के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को विशेषकर युवाओं को जागरूक और सचेत रहने का आग्रह किया है। इसके अलावे उपायुक्त ने कहा है कि मनुष्य द्वारा तम्बाकू का प्रयोग करना अपने आप को धीरे-धीरे खत्म करने के सामान है। इसके प्रयोग से मनुष्य कैंसर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, सास का फूलना तथा रक्त-प्रवाह में गड़बड़ी जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो सकता है। उन्होंने कहा हमारे वैज्ञानिकों ने तम्बाकू में 16 घातक तत्व बताएं है जिनमें दो सबसे खतरनाक होते है- निकोटिन व बेजोपायरिन निकोटिन। जो न केवल सेवन करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते है बल्कि आसपास में बैठे मौजूद लोगों पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ता है, विशेषकर महिलाएं व बच्चे इससे ज्यादा प्रभावित होते है। जन साधारण को इससे बचने के लिए अपनी सोच मानसिकता और व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा।

आज राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सरकार तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा मनुष्य को स्वस्थ जीवन जीने के लिए निरन्तर प्रेरित किया जाता है। मनुष्य के इस अनमोल जीवन को स्वस्थ रखने की इसी श्रृंखला में प्रति वर्ष 31 मई का दिन विश्व स्तर पर तम्बाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य तम्बाकू के प्रयोग से होने वाले खतरों के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है और अपने आस पास के वातावरण को धूम्रपान मुक्त बनाना है। आज से इसी कड़ी में अपने आसपास के लोगों को जागरूक करते हुए एक छोटी सी पहल करते है और धूम्रपान और तंबाकू को नो कहते हैं। वर्तमान में धूम्रपान और तंबाकू पूर्ण रूप से निषेध किया गया है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने व कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।

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