जंगली हाथी ने फिर मचाया उत्पात, गरीब परिवार का घर और अनाज तबाह

जंगली हाथी ने फिर मचाया उत्पात, गरीब परिवार का घर और अनाज तबाह

शंभू कुमार सिंह

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सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के केरिया पंचायत अंतर्गत धुमाडांड़ पतराटोली में जंगली हाथी ने एक बार फिर तांडव मचाया। बीती रात करीब 4 बजे एक अकेले जंगली हाथी ने असिसन सुरीन, पति स्वर्गीय हनुक सुरीन, के घर पर हमला कर दिया। हाथी ने घर को तोड़ते हुए वहां रखे अनाज को चट कर दिया और कई घरेलू सामानों को नुकसान पहुंचाया। इस घटना से परिवार दहशत में है और आर्थिक नुकसान के कारण मुश्किलों का सामना कर रहा है।

घटना के दौरान घर में मौजूद लोग डर के मारे एक कोने में दुबक गए और हल्ला-गुल्ला कर किसी तरह हाथी को भगाने में सफल रहे। सुबह इसकी सूचना कोलेबिरा विधायक नमन विकसल कोनगाड़ी को दी गई। विधायक ने तत्काल कांग्रेस नेता व प्रखंड प्रमुख बिपिन पंकज मिंज को पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया।

बिपिन पंकज मिंज ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सहायता के रूप में एक बोरी चावल प्रदान किया, क्योंकि हाथी ने परिवार का राशन खा लिया था। उन्होंने मुआवजा दिलाने के लिए आवेदन लिखवाने और जल्द से जल्द मुआवजा राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य मनोहर सुरीन, अनिल सुरीन, वार्ड सदस्य लक्ष्मी देवी, जेम्स कंडुलना, हेमंत, सहबाज आदि मौजूद रहे।

सिमडेगा जिले में जंगली हाथियों का उत्पात समय-समय पर देखने को मिलता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भय और दहशत का माहौल बना रहता है। हाथी न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि गरीब परिवारों के घरों को भी तबाह कर देते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाती है। वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए मुआवजा योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन धीमी प्रक्रिया के कारण ग्रामीणों को समय पर सहायता नहीं मिल पाती।

पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जंगली हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर ले जाने और प्रभावितों को त्वरित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से उनकी आजीविका और जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।

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