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जमीन पर कब्जे के विरोध में पूरे परिवार के साथ धरने पर बैठी महिला.

लातेहार, मो०अरबाज.

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बालूमाथ : लातेहार जिला के बालूमाथ मुख्यालय में जमीन विवाद में न्याय की गुहार लगाकर सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाकर थक चुकीं बालूमाथ निवासी पिंकी देवी अपने पूरे परिवार के साथ शुक्रवार को लातेहार समाहरणालय के समीप धरने पर बैठ गईं।

पिंकी देवी ने पत्रकारों को बताया कि विगत कई माह से मैं अपनी जमीन की रक्षा के लिए कार्यालयों का चक्कर काट रही हूं लेकिन बदले में सिवाय आश्वासनों के अब तक कुछ भी प्राप्त नहीं हो सका है। जिसके कारण मुझे धरना पर बैठने के लिए विवश होना पड़ा है।

उन्होंने बताया कि बालूमाथ में 64 डिसमिल जमीन मेरे पिता रामचंद्र पांडेय एवं बड़े चाचा जगदीश पांडे ने 31. 3. 1975 को खरीदा था। जिसका दाखिल खारिज होकर जमाबंदी में मांग चलता आ रहा है। इस जमीन में मेरे पिता एवं चाचा ने हिस्से के अनुसार 30 डिसमिल जमीन बेच दिया। शेष भू भाग में से कुछ रकबा में मेरे चाचा के लड़कों घर बना हुआ है एवं इसी खाता खेसरा पर मेरे नाम से इंदिरा आवास बना हुआ था। जिसे मेरे चाचा के लड़का कमल पांडेय, शिव शंकर पांडेय, गोपाल पांडेय, भानु साहू ने मिलकर तोड़ दिया एवं मेरे हिस्से की जमीन को जबरन कब्जे में कर लिया है।

उपरोक्त बातों की जानकारी मैंने आवेदन के माध्यम से बालूमाथ प्रखंड विकास पदाधिकारी को 19 दिसंबर एवं लातेहार उपायुक्त को 6 नवंबर को दी थी। मेरे आवेदन पर उपायुक्त ने थाना प्रभारी बालूमाथ को विधि सम्मत कार्रवाई करने को कहा था। लेकिन जब मैं थाना पहुंची तो थाना प्रभारी राणा भानु प्रताप सिंह के द्वारा गाली गलौज कर धमकी देते हुए दोबारा थाना नहीं आने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। जिसके कारण विवश होकर मुझे धरना प्रदर्शन के लिए बैठना पड़ा है।

उन्होंने यह भी बताया कि 10 जनवरी तक यदि न्याय नहीं मिला तो 11 जनवरी से वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ आमरण अनशन पर बैठ जाऊंगी और इसकी जवाबदेही जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की होगी। मामले को लेकर पूरे दिन जिला मुख्यालय में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

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