झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ 9 जुलाई 2025 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल, रांची में आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने 9 जुलाई 2025 को ऑल ट्रेड यूनियनों द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी हड़ताल में अपनी 17 सूत्री मांगों के समर्थन में भाग लेने का निर्णय लिया है। महासंघ ने इस हड़ताल को मजदूर विरोधी चार लेबर कोड्स को रद्द करने, सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये, संविदा/दैनिक वेतनभोगी/कच्चे कर्मचारियों का स्थायी समायोजन, और न्यूनतम पेंशन 10,000 रुपये लागू करने जैसे प्रमुख मुद्दों के समर्थन में समर्थन दिया है। इसके साथ ही, महासंघ रांची में उसी दिन अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जोरदार आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!महासंघ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों की कोई भी उचित मांग पूरी नहीं की जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन को कई पत्रों के माध्यम से मांगों से अवगत कराया गया है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। केंद्र सरकार के अनुरूप संशोधित वेतनमान, ग्रेड पे, परिवहन भत्ता, और शिक्षण भत्ता जैसे लाभ कई संवर्गों को नहीं दिए गए। उदाहरण के लिए, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी और निरीक्षक संवर्ग को 6,500 रुपये के वेतनमान के बजाय 5,000 रुपये और 4,600 रुपये के ग्रेड पे के बजाय 4,200 रुपये दिए जा रहे हैं।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) में कार्यरत ऑफिस बॉय, ऑफिस अटेंडेंट, और हाउसकीपर को मात्र 377 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जा रहा है, जबकि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 783 रुपये प्रतिदिन का प्रावधान है। इन कर्मचारियों को कोई अवकाश, विशेषकर महिलाओं को विशेष अवकाश, नहीं दिया जा रहा। JSLPS में 240 हाउसकीपर में से केवल 11 को मानव संसाधन नियमावली के लेवल L-8 में शामिल किया गया है, शेष के लिए टालमटोल जारी है। डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) को लेवल L-7 में शामिल नहीं किया गया और न्यूनतम वेतन 40,900 रुपये भी नहीं दिया जा रहा। बीपीएम संवर्ग (L-5/L-6) को लेवल L-4 में शामिल करने और NRLM पॉलिसी लागू करने की मांग भी लंबित है।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मल्टी-पर्पस वर्कर (MPW) संवर्ग का स्थायी समायोजन नहीं हुआ है। जनसेवक संवर्ग को 4,200 रुपये ग्रेड पे, पंचायत सचिव और क्षेत्रीय कार्यालय लिपिकों को 2,400 रुपये ग्रेड पे, और वर्ग-4 कर्मचारियों को वर्ग-3 में शत-प्रतिशत प्रोन्नति की मांग की गई है। इसके अलावा, समाहरणालय लिपिक सुरेश हाजरा (जामताड़ा) और अस्पताल प्रबंधक तब्बूसम नाज (धनबाद) के बकाया वेतन का भुगतान भी लंबित है। आवास बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी चौकीदारों और सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थायी समायोजन की मांग भी शामिल है।
महासंघ ने 2023 में 21 सूत्री मांग पत्र तत्कालीन प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल को सौंपा था, जिस पर कार्मिक विभाग और संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए पीत पत्र जारी किया गया था। हालांकि, इन मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई।
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, और अन्य पदाधिकारी जैसे मुकेश कुमार, अगस्त क्रांति कुमार, घर भरन राम, पवन कुमार, करन कुमार गुप्ता, पंकज कुमार, मंगल हेंब्रम, कमलेश कुमार, बिनोद कुमार, कौशल प्रसाद सिन्हा, अखिलेश कुमार अंबष्ट, अनिल कुमार, राम आशीष पासवान, डॉ. गणेश राम, महावीर राम, सुरेश हाजरा, रिंकू कुमार, अशोक पासवान, श्याम लाल पासवान, भरत उरांव, सनातन कुमार, रीना सिंह, मो. आलमगीर, अजीत झा, संकल्प कुमार, सौरभ कुमार, आशीर्वाद महतो, अशोक कुमार, मो. रिजवान, अनिल कुमार साहू, चंद्रदेव कुमार, सरिता कुमारी, NEDU कुजूर, और अमरेंद्र कुमार ने 9 जुलाई 2025 को रांची में आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन की पूरी तैयारी कर ली है।
महासंघ ने सभी कर्मचारियों और संगठनों से इस हड़ताल और प्रदर्शन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की अपील की है, ताकि कर्मचारियों की जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाया जा सके।


















