रांची में 17वें पेंशन दरबार का आयोजन, सेवानिवृत्त शिक्षकों को किया गया सम्मानित
रांची : जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में 17वें पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मियों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया।
इस अवसर पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि शिक्षकों ने शिक्षा के पवित्र क्षेत्र में निष्ठा, धैर्य और समर्पण के साथ सेवा करते हुए हजारों बच्चों के भविष्य को आकार दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का योगदान अमूल्य है और सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके अनुभव एवं ज्ञान का लाभ समाज को मिलता रहना चाहिए। उपायुक्त ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्वस्थ, सक्रिय और व्यस्त जीवन जीने की शुभकामनाएं दीं।
उपायुक्त ने बताया कि जनवरी 2026 से जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ और सम्मान प्रदान करने की पहल शुरू की गई है। अब तक इस कार्यक्रम के माध्यम से 300 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी जा चुकी है।
समारोह में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक एवं अन्य कर्मियों को स्मृति चिन्ह, शाल, पुष्पगुच्छ और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में सुधांशु रंजन प्रमाणिक, असीमा लकड़ा, माला सामद, मृत्युंजय सिंह मुण्डा, इजहार अहमद, मरियम खोया, सीमा बारला, संजय कुमार और डॉ. मीनु कुमारी शामिल रहे। जिला प्रशासन ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के लंबे सेवा योगदान को सम्मानित करने की यह पहल आगे भी जारी रहेगी।


















