हाई कोर्ट ने 2006 से 2010 तक रहे नगड़ी CO और रांची AC के खिलाफ ACB जाँच के दिए आदेश
झारखंड हाईकोर्ट ने आज 2006 से 2010 तक रहे नगड़ी CO और रांची AC के खिलाफ ACB जाँच के आदेश दे दिए है। साथ ही असलत ने यह भी आदेश दिया है की इनके करीबी रिस्तेदारो और घनिष्ट मित्रो की भी सम्पति की जाँच हो। कोर्ट ने ने एक . प्रार्थी मो. जुलफान अंसारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है.

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा और रांची रिवोल्ट – जनमंच का शत्रुघ्न सिन्हा के पक्ष में सघन प्रचार अभियान : शॉटगन को जिताने की अपील (by election)
रिपोर्ट- विजय दत्त पिंटू चुनावी विश्लेषक कर रहे बिहारी बाबू की जीत के दावे by election आसनसोल: अखिल भारतीय कायस्थ महासभा एवं…

त्रिकूट रोपवे हादसे में पर्यटकों की जान बचाने वाले जबाजो से मिलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)!
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि त्रिकूट रोपवे हादसे में पर्यटकों की जान बचाने में…
अदालत ने वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2010 तक नगड़ी के सीओ और रांची AC के पद पर रहे तत्कालीन अधिकारियो को कड़ा फटकार लगाया है। अदालत ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा की तत्कालीन नगड़ी के सीओ रहे बैद्यनाथ कामती और रांची CO ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी नहीं माना, यह अदालत के आदेश की अवहेलना है. जिसके बाद अदालत ने यह आदेश दिया। यह सुनवाई आज झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस केपी देव की कोर्ट में हुई।
प्रार्थी जुलफान अंसारी ने एक याचिका दाखिल की है. याचिका में प्रार्थी कोर्ट से आग्रह किया की झारखंड हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नगड़ी सीओ और रांची AC ने पुंदाग स्थित उनकी भूमि पर 4एच की कार्रवाई की है, जो गलत है. अदालत के आदेश के बावजूद उनकी जमीन का रसीद निर्गत नहीं किया जा रहा. सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रांची डीसी को यह आदेश दिया कि प्रार्थी की भूमि की रसीद 30 दिनों के अंदर निर्गत किया जाये.



















