विधानसभा में उठा अराजपत्रित कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने की मांग , अराजपत्रित कर्मचारियों ने जताया आभार।
विधानसभा में उठा अराजपत्रित कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने की मांग , अराजपत्रित कर्मचारियों ने जताया आभार।

रांची:झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने सर्वप्रथम माननीय विधायक भूषण तिर्की जी के प्रति आभार व्यक्त किया है,जिन्होंने सातवां वेतनमान की सिफारिश का लाभ शिक्षण भत्ता राज्यकर्मियों को देने का मामला वर्तमान विधानसभा सत्र में उठाया ।
मंत्री, झारखंड सरकार द्वारा उक्त लाभ राज्यकर्मियों की देने में असमर्थता जाहिर करते हुए कहा है कि बाद में विचार की जाएगी। महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने कहा कि वर्ष। 2016 की अनुशंसा को आज 2025 तक राज्य सरकार लागू नहीं किया, अब कब किया जाएगा । महासंघ विगत 2017 से लगातार राज्य सरकार को पत्र देकर सभी बकाया अनुशंसाएं देने के लिए कारवाई करते रहा है, मुख्यमंत्री झारखंड सरकार के प्रधान सचिव द्वारा 21 सूत्री मांगो पर कारवाई हेतु पीत पत्र कार्मिक विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को 2023 में ही भेजा जा चुका हैं
,कोई ठोस कारवाई आज तक नहीं की गई,स्पष्ट है कि राज्यकर्मियों की लंबित मांगों पर सरकार कोई कारवाई नहीं करना चाहती है। राज्य में मुट्ठी भर संवर्गो का सभी मांगे सरकार द्वारा लागू कर दी गई , मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन झारखंड सरकार को महासंघ बताना चाहता है कि जिन संवर्गो का सभी मांगे लागू हुई हैं वो भी 6 ठ आ और 7 वा वेतनमान के आधार पर ही लागू की गई है। 6 ठे वेतनमान एवं 7 वे वेतनमान की सभी अनुशंसाएं देना था तो सरकार सभी को देता , क्षेत्रीय कर्मचारियों को आज तक नहीं दिया जाना अन्याय है ।
कुछ मुठ्ठी भर संवर्ग अपना सब कुछ लेने में सफल रहा,बाकी क्षेत्रीय कर्मचारियों को राज्य सरकार आज तक नहीं दिया। ये सरासर राज्यकर्मियों के साथ अन्याय है। केंद्र सरकार द्वारा 8 वा वेतनमान देने हेतु कमिटी का गठन हेतु सहमति दे चुका है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा आज तक 6 वे एवं 7 वे वेतनमान की कई अनुशंसाएं नहीं दी जा रही है।ये अन्याय है।विदित है कि राज्य सरकार को उक्त सभी वेतनमान की अनुशंसाएं लागू करना, सभी लाभों को देना अनिवार्य है।वर्ष 1996 में ही राज्यकर्मियों को केंद्र के अनुरूप वेतनमान, ग्रेड पे,भत्ता देने हेतु सरकार और संघ/ महासंघ के बीच लंबे आंदोलन के बीच यह समझौता संपन्न हुआ था। राज्य सरकार द्वारा ये बाते कहे जाना कि राज्य में कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं,
वित्तीय मामले को लेकर राज्यकर्मियों की मांगे पर बाद में विचार किया जाएगा, 2016 की अनुशंसा को आज 2025 हो गया ,कब विचार होगा , लगभग 10 वर्षों से महासंघ मांग करते रहा है, सरकार राज्यकर्मियों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। आश्चर्य है सरकार के लोक कल्याणकारी योजनाओं को भी राज्यकर्मियों द्वारा ही सफल किया जा रहा है,। कल ही सरकार द्वारा नियमित राज्यकर्मियों को स्वास्थ्य बीमा की कटौती कर मार्च 25 से लाभ देने का पत्र जारी की गई परंतु सेवा निवृत कर्मचारी/ पदाधिकारी के मामले में स्वास्थ्य बीमा कटौती का आदेश जारी नहीं की गई है।अविलंब लाभ दी जाए।
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, घर भरन राम, डॉक्टर गणेश प्रसाद सिंह, मन्नू प्रसाद तिवारी, कमलेश कुमार, बी अगस्त क्रांति कुमार, सुरेश कुमार, सुरेश हाजरा, सनातन कुमार, रीना सिंह, मो0 आलमगीर रामाशीष पासवान, अनिल कुमार, बिनोद कुमार, अशोक कुमार, आशीर्वाद महतो, सौरभ कुमार, पवन कुमार, मंगल हेंब्रम,शशि मिश्रा, रमेश कुमार,आदि ने राज्य सरकार से मांग किया कि 6 ठे वेतनमान एवं ,7 वे वेतनमान की बकाए सिफारिश को अविलंब लागू किया जाए,अन्य योजनाएं के नाम पर राज्यकर्मियों की मांगे कि अनदेखी करना कही से भी जायज नहीं है।
ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार के अधीन झारखंड राज्य लाविलीहुड प्रमोशन सोसाइटी,JSLPS में कार्यरत ऑफिस बॉय, संवर्ग को केंद्र सरकार द्वारा संशोधित मानदेय आज तक नहीं दी गई,डाटा एंट्री ऑपरेटर,को के7 में जोड़ने,एवं HGM प्रखंड कर्मियो की एन आर एल एम में समायोजन,आज तक मांगे लंबित है। स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार में कार्यरत MPW कर्मचारियों को आज तक स्थाई समायोजन नहीं किया गया। सहकारिता प्रसार पदाधिकारी संवर्ग सहित सभी निरीक्षक संवर्ग को 4600 ग्रेड पे आज तक सरकार द्वारा नहीं दी गई है।राज्य सरकार द्वारा राज्यकर्मियों की लंबित 21 सूत्री मांगों पर कोई ठोस कारवाई नहीं होने के कारण राज्यकर्मियों की बीच सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त होते जा रहा है।
महासंघ सभी राज्यकर्मियों की लंबित 21 सूत्री मांगों को माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन झारखंड सरकार से आग्रह करता है कि वे राज्यकर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अविलंब सभी मांगे लागू की जाए।विदित है राज्यकर्मियों द्वारा अपनी मांगो को लागू करवाने के लिए कई बार धरना / प्रदर्शन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार को संलेख समर्पित किया है। केंद्रीय वेतनमान के हु बहु सभी अनुशंसाएं अविलंब लागू की जाए।

















