झारखंड में बनेंगे चार ग्लास ब्रिज, फाइनल हुई जगह,  हेमंत सरकार ने भी दे दी मंजूरी

झारखंड में बनेंगे चार ग्लास ब्रिज, फाइनल हुई जगह,  हेमंत सरकार ने भी दे दी मंजूरी

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झारखंड में बनेंगे चार ग्लास ब्रिज, फाइनल हुई जगह,  हेमंत सरकार ने भी दे दी मंजूरी

झारखंड में चार जगहों पर ग्लास ब्रिज बनने जा रहा है। झारखंड सरकार ने पतरातू, दशम और नेतरहाट में ग्लास ब्रिज बनाने की मंजूरी दे दी है। नेतरहाट में दो ग्लास ब्रिज बनेंगे एक मैगनोलिया और दूसरा कोयल व्यू प्वाइंट पर। पथ निर्माण विभाग को कंसलटेंट चयन से लेकर निर्माण तक की जिम्मेदारी दी गई है।

डीपीआर तैयार करने तथा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए सलाहकार चयन की टेंडर प्रक्रिया शुरू

जानकारी के अनुसार, झारखंड सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई स्थानों पर ग्लास ब्रिज निर्माण की योजना को मंजूरी दी है। यह पहल न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव प्रदान करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद करेगी।

कहाँ कहाँ बनेगा ब्रिज
झारखंड सरकार ने पतरातू (रामगढ़ जिला), दशम फॉल्स (रांची के पास), और नेतरहाट (लातेहार जिला) में ग्लास ब्रिज बनाने की योजना बनाई है। ये स्थान प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की दृष्टि से पहले से ही लोकप्रिय हैं, और ग्लास ब्रिज इनकी आकर्षण को और बढ़ाएंगे।
उद्देश्य:
    • पर्यटन को बढ़ावा: ग्लास ब्रिज जैसे आधुनिक और रोमांचक ढांचे पर्यटकों को आकर्षित करेंगे, खासकर युवाओं और एडवेंचर पसंद करने वालों को।
    • आर्थिक विकास: इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जैसे गाइड, होटल, परिवहन, और अन्य सेवाओं में।
    • झारखंड की नई पहचान: यह राज्य को भारत के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने में मदद करेगा।
  1. बिहार बना प्रेरणा
    बिहार के राजगीर में स्थित ग्लास ब्रिज, जो पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है, झारखंड के लिए प्रेरणा  बना।  वहां का ग्लास ब्रिज 200 मीटर लंबा और 3 मीटर चौड़ा है, जो जंगल के ऊपर से गुजरता है और प्रकृति का अनोखा नजारा पेश करता है। झारखंड में भी इसी तरह के अनुभव की उम्मीद की जा रही है।
  2. सरकारी पहल:
    • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में यह योजना आगे बढ़ रही है।
    •  मंत्री सुदिव्य कुमार ने इसकी पुष्टि की है कि इन ग्लास ब्रिजों के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है।
  3. संभावित प्रभाव:
    • पतरातू, जो अपनी झील और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, ग्लास ब्रिज के साथ और आकर्षक बनेगा।
    • दशम फॉल्स, एक प्रसिद्ध झरना, ग्लास ब्रिज के जरिए पर्यटकों को ऊंचाई से झरने का नजारा देखने का मौका देगा।
    • नेतरहाट, जिसे “झारखंड की रानी” कहा जाता है, अपने शांत वातावरण और सूर्यास्त के नजारों के साथ ग्लास ब्रिज से और लोकप्रिय हो सकता है।
वर्तमान स्थिति:
हालांकि अभी निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख और पूरा होने का समय स्पष्ट नहीं है, लेकिन सरकार की ओर से इसकी स्वीकृति और योजना की घोषणा हो चुकी है। यह परियोजना झारखंड में पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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