‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस, DGMO ने बताई भारत के ‘शौर्य’ की कहानी, 100 से अधिक आतंकी ढेर
भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 7 मई को नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। इनमें आईसी-814 हाईजैकिंग और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड जैसे हाई-प्रोफाइल आतंकी शामिल थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इस ऑपरेशन का उद्देश्य आतंकियों और उनके प्रशिक्षण शिविरों को नष्ट करना था। घई ने कहा, “हमारा लक्ष्य आतंक के सरपरस्तों को सजा देना और उनकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करना था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायुसेना के एयर मार्शल एके भारती और नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना और नौसेना ने इन हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइलों का भी उपयोग किया गया।
DGMO ने खुलासा किया कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन के बाद सीमा पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए उकसावे की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने इन हमलों को नाकाम कर दिया। घई ने कहा, पाकिस्तानी सेना ने सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन हमने हर हमले का माकूल जवाब दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि 10 मई को पाकिस्तानी DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने भारतीय DGMO को फोन कर युद्धविराम की अपील की थी, लेकिन इसके कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान ने फिर से उल्लंघन किया। भारत ने इसके जवाब में सख्त कार्रवाई की और पाकिस्तानी हवाई अड्डों, कमांड सेंटरों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया।
DGMO ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, अगर पाकिस्तान हमला करेगा, तो हम और गहराई और ताकत के साथ जवाब देंगे। भारतीय सेना ने पश्चिमी सीमा पर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कमांडरों को किसी भी उल्लंघन का जवाब देने के लिए पूर्ण स्वतंत्रता दी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में शिव तांडव के संगीतमय वीडियो के साथ मुंबई हमले, पुलवामा हमले और ऑपरेशन सिंदूर के दृश्य दिखाए गए, जिसने भारत की दृढ़ता और ताकत का संदेश दिया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस न केवल भारत की सैन्य ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई समझौता नहीं करेगा।

















