Brahmos Testing Centre Inauguration : लखनऊ में ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग सेंटर का उद्घाटन: भारत की रक्षा शक्ति को नई उड़ान
Brahmos Testing Centre Inauguration: लखनऊ में ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग सेंटर का उद्घाटन: भारत की रक्षा शक्ति को नई उड़ान
लखनऊ, 11 मई : भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज लखनऊ में ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक सुविधा केंद्र ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के उत्पादन, एकीकरण और परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भारत की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता को अभूतपूर्व बल मिलेगा।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर उद्घाटन
उद्घाटन समारोह के दौरान, रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “11 मई 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर भारत ने विश्व को अपनी वैज्ञानिक और रक्षा ताकत का परिचय दिया था। आज उसी प्रौद्योगिकी दिवस पर, ब्रह्मोस सेंटर का उद्घाटन भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में एक नया अध्याय जोड़ रहा है।”
राजनाथ सिंह का संबोधन
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “मुझे इस ऐतिहासिक अवसर पर लखनऊ में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की इच्छा थी, लेकिन दिल्ली में मौजूदा परिस्थितियों के कारण मैं वर्चुअल रूप से आपसे जुड़ रहा हूं। यह सेंटर न केवल हमारी रक्षा तैयारियों को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।”
ब्रह्मोस: भारत की ताकत का प्रतीक
ब्रह्मोस मिसाइल, भारत और रूस के संयुक्त उद्यम का परिणाम, दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है। यह थल, जल, और वायु से लॉन्च की जा सकती है और अचूक निशाने के लिए जानी जाती है। लखनऊ का यह नया सेंटर मिसाइल के उत्पादन को गति देगा और भारतीय सेनाओं की जरूरतों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
यह सुविधा केंद्र ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को और मजबूती प्रदान करेगा। इसके माध्यम से न केवल रक्षा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह सेंटर भारत को वैश्विक रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।
वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना
रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, और रक्षा कर्मियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, “पोखरण से लेकर ब्रह्मोस तक, हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने हर बार दुनिया को भारत की ताकत से परिचित कराया है। यह सेंटर उनके अथक प्रयासों का एक और उदाहरण है।
गौरतलब है कि लखनऊ में ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग सेंटर का उद्घाटन भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह न केवल भारत की सैन्य ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा को और ऊंचा करेगा।


















