भारत-पाकिस्तान DGMO बैठक: सीजफायर को मजबूत करने पर होगी चर्चा!
भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) आज दोपहर 12 बजे एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर समझौते को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है। इस वार्ता में सीमा पर शांति बनाए रखने और सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की शर्तों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारतीय सेना के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और पाकिस्तानी DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला के बीच यह चर्चा हॉटलाइन के जरिए होगी। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष सीजफायर के पालन को सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी उल्लंघन को रोकने के लिए रणनीति तैयार करेंगे। यह बैठक 10 मई को हुए समझौते के बाद पहली आधिकारिक वार्ता है, जिसमें दोनों देशों ने भूमि, वायु और समुद्र में सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति जताई थी।
हालांकि, समझौते के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगा, जिसके बाद भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसे “बेहद निंदनीय” बताया। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उकसावेपूर्ण कार्रवाई का जवाब “कड़ा और दंडात्मक” होगा। इस बैठक में भारत अपनी इस स्थिति को दोहरा सकता है, साथ ही सीमा पर स्थायी शांति के लिए ठोस कदमों पर जोर दे सकता है।
DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य आतंकवादियों और उनकी बुनियादी संरचनाओं को नष्ट करना था। इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें कई हाई-प्रोफाइल आतंकी शामिल थे।
आज की बैठक में दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस भी अहम होगी, जिसमें भारतीय वायुसेना की सीमा पार कार्रवाइयों और ऑपरेशन सिंदूर के प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और स्थिर वातावरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह चर्चा केवल DGMO स्तर तक सीमित रहेगी और कश्मीर या इंडस वाटर ट्रीटी जैसे मुद्दों पर कोई बातचीत नहीं होगी। सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

















