सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद: आदिवासी संगठनों ने बुलाया झारखंड बंद

सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद: आदिवासी संगठनों ने बुलाया झारखंड बंद

Share
Link copied

झारखंड की राजधानी रांची में सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप निर्माण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय सरना स्थल के पास बन रहे फ्लाईओवर रैंप के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने 4 जून को झारखंड बंद का आह्वान किया है। इस बंद को सफल बनाने के लिए संगठन सक्रिय रूप से तैयारियां कर रहे हैं।

आदिवासी संगठनों का कहना है कि सिरमटोली में स्थित केंद्रीय सरना स्थल, जो आदिवासी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, के मुख्य द्वार पर फ्लाईओवर रैंप का निर्माण उनकी भावनाओं और परंपराओं के खिलाफ है। संगठनों का दावा है कि यह रैंप सरना स्थल की गरिमा और ऐतिहासिक महत्व को प्रभावित कर रहा है। 1969 में इसी स्थल से पहली सरहुल शोभा यात्रा निकली थी, जिसे आदिवासी समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानता है।

आदिवासी बचाओ मोर्चा और केंद्रीय सरना स्थल सिरमटोली बचाओ संघर्ष मोर्चा सहित 40 से अधिक संगठनों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई है। 27 मई को राजभवन के समक्ष प्रदर्शन के बाद अब संगठनों ने 3 जून को मशाल जुलूस और 4 जून को झारखंड बंद का ऐलान किया है। पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव और सामाजिक कार्यकर्ता कुंदरसी मुंडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब तक रैंप को सरना स्थल से पूरी तरह हटाया नहीं जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन ने विवाद को सुलझाने के लिए रैंप को 6 मीटर पीछे हटाने का निर्णय लिया था, लेकिन आदिवासी संगठनों की मांग है कि इसे पूरी तरह हटाया जाए। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है, लेकिन पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के आयोग के समक्ष उपस्थित न होने पर एनसीएसटी की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने नाराजगी जताई है।

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow