झारखंड के दिग्गज नेता शिबू सोरेन की सेहत के लिए दुआओं का दौर, समर्थकों ने की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना
झारखंड के दिग्गज नेता शिबू सोरेन की सेहत के लिए दुआओं का दौर, समर्थकों ने की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संरक्षक और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन की सेहत को लेकर उनके समर्थकों और पार्टी नेताओं में चिंता बनी हुई है। 19 जून से दिल्ली के प्रतिष्ठित सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती शिबू सोरेन का इलाज जारी है, लेकिन उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बताई जा रही है। इस बीच, उनके शीघ्र स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना के लिए समर्थकों और जेएमएम नेताओं ने प्रार्थनाओं का सिलसिला शुरू कर दिया है।
जमशेदपुर में विशेष हवन-पूजन का आयोजन
इसी कड़ी में रविवार को जमशेदपुर के पुराना कोर्ट के समीप स्थित चंद्रमलेश्वर महादेव मंदिर में जेएमएम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग एकत्र हुए, जिन्होंने दिशोम गुरु के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। हवन-पूजन में शामिल नेताओं ने विश्वास जताया कि शिबू सोरेन जल्द ही पूर्ण स्वस्थ होकर अपने समर्थकों के बीच लौटेंगे।

गुरुजी हमारे प्रेरणास्रोत
हवन-पूजन के दौरान जेएमएम नेताओं ने कहा, “दिशोम गुरु शिबू सोरेन न केवल झारखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। उनकी अगुवाई में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। हम सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं और विश्वास रखते हैं कि गुरुजी जल्द ही हमारे बीच होंगे।”
शिबू सोरेन का राजनीतिक सफर
शिबू सोरेन, जिन्हें प्यार से ‘दिशोम गुरु’ कहा जाता है, झारखंड के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की और आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। वे कई बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और वर्तमान में राज्यसभा सांसद के साथ-साथ हेमंत सोरेन सरकार में कोऑर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन की भूमिका निभा रहे हैं।
शिबू सोरेन के समर्थकों का विस्वास
शिबू सोरेन की सेहत को लेकर पूरे झारखंड में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में एकजुटता देखी जा रही है। जगह-जगह प्रार्थना सभाएं और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। जेएमएम कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिबू सोरेन का स्वास्थ्य झारखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और उनकी वापसी से राज्य की राजनीति को और मजबूती मिलेगी।


















