झारखंड में मॉनसूनी बारिश का कहर: कपाली, टापू बना, रहमत नगर जलमग्न, तस्वीरों में देखे हाल
झारखंड में मॉनसूनी बारिश का कहर: कपाली टापू बना, रहमत नगर जलमग्न, तस्वीरों में देखे हाल
झारखंड जमशेदपुर/सरायकेला रांची : झारखंड में मॉनसूनी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सरायकेला जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र, विशेषकर रहमत नगर, में भारी बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पूरा इलाका टापू में तब्दील हो चुका है। स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही और ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम को इस संकट का मुख्य कारण बताया है।

कपाली में जलमग्न रहमत नगर, लोग परेशान
कपाली नगर परिषद क्षेत्र के रहमत नगर में सड़कें और घर पानी में डूब गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ड्रेनेज सिस्टम की खराब स्थिति के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला। रहमत नगर के निवासियों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर अपनी व्यथा व्यक्त की है

मकान ढहने से बढ़ी चिंता
बुधवार सुबह कपाली के अलबेला गार्डन, इमली चौक के पास पिंटू महतो का कच्चा मकान अचानक ढह गया। लगातार बारिश से दीवारें कमजोर होने के कारण यह हादसा हुआ, हालांकि गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के अन्य जर्जर मकानों की जांच कराई जाए ताकि भविष्य में बड़े हादसों से बचा जा सके।
जमशेदपुर में भी बुरा हाल
जमशेदपुर के कदमा अनील सूर पथ में तालाब और नाले का पानी दर्जनों घरों में घुस गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। स्थानीय लोग दो दिनों से घरों में कैद हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, और बुजुर्गों को भारी परेशानी हो रही है। गुस्साए निवासियों ने जूसको प्रबंधन और स्थानीय विधायक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों ने चंदा इकट्ठा कर नाले बनवाने शुरू किए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई राहत कार्य नहीं हुआ।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
लोगों का आरोप है कि प्रशासन और नगर निकायों ने बारिश से पहले ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत और सफाई पर ध्यान नहीं दिया। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। सरायकेला में प्रभारी एसडीओ ने तटीय इलाकों का दौरा कर शेल्टर होम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, जबकि जमशेदपुर में उपायुक्त ने जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और हेल्पलाइन नंबर (0657-2444233) जारी किया है।

प्रभावित लोग प्रशासन से तत्काल जल निकासी की स्थायी व्यवस्था और नुकसान का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं, लेकिन लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि बारिश से पहले कोई ठोस तैयारी नहीं की गई।


















