संसद का मानसून सत्र आज से शुरू, 21 अगस्त तक चलेगा; विपक्ष के तीखे तेवर, हंगामे के आसार

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू, 21 अगस्त तक चलेगा; विपक्ष के तीखे तेवर, हंगामे के आसार

Share
Link copied

नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है और यह 21 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस सत्र में कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 13 और 14 अगस्त को संसद की कार्यवाही स्थगित रहेगी। सत्र के दौरान केंद्र सरकार 8 नए विधेयकों सहित कुल 16 बिल पेश करने की तैयारी में है, लेकिन विपक्ष के आक्रामक रुख के चलते जोरदार हंगामे की संभावना जताई जा रही है।ल

प्रमुख विधेयक और एजेंडा

मोदी सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है, जिनमें नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, नेशनल एंटी-डोपिंग संशोधन बिल, आयकर विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, और मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, मर्चेंट शिपिंग बिल, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, और कराधान विधि (संशोधन) विधेयक जैसे बिल भी चर्चा के लिए प्रस्तावित हैं।

विपक्ष के निशाने पर सरकार

विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है। पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR), और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर दावों जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है। कांग्रेस सांसदों ने इन मुद्दों पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव और नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं।

ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमला प्रमुख मुद्दे

पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला संसदीय सत्र है। विपक्ष ने इन मुद्दों पर विशेष सत्र की मांग की थी, जिसे सरकार ने ठुकरा दिया था। अब ये मुद्दे संसद में गरमाहट ला सकते हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि सरकार इन राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।

महाभियोग प्रस्ताव भी चर्चा में

इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में महाभियोग प्रस्ताव भी इस सत्र में उठ सकता है। 100 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ यह प्रस्ताव तैयार है, जिस पर सर्वदलीय सहमति बनाने की कोशिश होगी।

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow