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छत्तीसगढ़ में मसीही समुदाय पर झूठे आरोपों के खिलाफ विशाल मौन जुलूस, डीसी को सौंपा ज्ञापन

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा के अल्बर्ट एक्का स्टेडियम से रविवार को ऑल चर्चेस के बैनर तले हजारों मसीही समुदाय के लोगों ने विशाल मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस छत्तीसगढ़ में धर्म बहनों पर कथित झूठे केस और धर्मांतरण के फर्जी आरोपों के विरोध में आयोजित किया गया। जुलूस में शामिल लोगों ने तख्तियां और बैनर लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी एकजुटता प्रदर्शित की, साथ ही अनुशासन और शांति बनाए रखी।

जुलूस में जी.ई.एल. चर्च के बिशप मुरेल बिलुंग, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, ज़िप सदस्य जोसिमा खाखा, लता तिर्की सहित सभी विंग की धर्म बहनें और ऑल चर्चेस के सदस्य शामिल थे। जुलूस के बाद उपायुक्त (डीसी) को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मसीही समुदाय के लिए न्याय, सुरक्षा और सम्मान की मांग की गई।

बिशप मुरेल बिलुंग ने कहा, “यह विरोध किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय और असत्य के खिलाफ है। हम मसीह के मार्ग पर चलते हुए शांति और प्रेम से समाज में भाईचारा कायम रखना चाहते हैं। झूठे आरोपों से हमें डराने का प्रयास कभी सफल नहीं होगा।”

कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि हमारे संविधान में धर्म की स्वतंत्रता सुरक्षित है। किसी भी समुदाय पर झूठे आरोप और भेदभाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इससे समाज में भय का माहौल बनता है।

सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि मसीही समुदाय ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे समाज को बदनाम करने का प्रयास निंदनीय है। हम न्याय के लिए हर मंच पर लड़ेंगे और अपने लोगों की रक्षा करेंगे।

ज़िप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि धर्म बहनों पर लगाए गए आरोप न केवल असत्य हैं, बल्कि उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले हैं। हम महिलाएं इस अपमान को चुपचाप नहीं सहेंगी। यह मौन जुलूस हमारी दृढ़ता का प्रतीक है।

जुलूस के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिस पर विधायकों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद नेशनल हाइवे (एनएच) पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल की अनुपस्थिति दुखद थी। जोसिमा खाखा ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी भीड़ की संभावना के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल रही। एनएच पर जाम के कारण छोटे-बड़े वाहन फंस गए, और पर्याप्त पुलिस बल की कमी के कारण कोई अनहोनी भी हो सकती थी। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग की।

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