मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पुत्र धर्म के साथ बखूबी निर्वाह कर रहे राजधर्म
रामगढ़ : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा, गोला, रामगढ़ में रहते हुए पुत्र धर्म और राजधर्म का बखूबी निर्वाह कर रहे हैं। सादगीपूर्ण ग्रामीण माहौल में रहकर वे एक ओर अपने दिवंगत पिता, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म की स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यों के प्रति पूरी तरह सक्रिय हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री गांव के खुले आंगन और मिट्टी की महक से भरे वातावरण में रहते हुए भी जनसेवा को अपनी प्राथमिकता बनाए हुए हैं। वे विभिन्न विभागों से प्राप्त फाइलों और प्रस्तावों पर त्वरित निर्णय ले रहे हैं तथा अधिकारियों के साथ फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निरंतर संवाद कर रहे हैं।
हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक, जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों को तत्पर रहने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री का यह समर्पण झारखंड की जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो गांव के सादगीपूर्ण माहौल में भी प्रशासनिक दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रहा है।

















