सरकार का बड़ा फैसला: स्कूलों में पढ़ाई जाएगी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी

सरकार का बड़ा फैसला: स्कूलों में पढ़ाई जाएगी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी

सरकार का बड़ा फैसला: स्कूलों में पढ़ाई जाएगी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी

रांची, 21 अगस्त : झारखंड सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है। अब कक्षा 1 से 12 तक के छात्र शिबू सोरेन के जीवन और उनके सामाजिक-राजनीतिक योगदान के बारे में पढ़ेंगे। यह नया पाठ्यक्रम अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होगा।

सरकार के अनुसार, छोटे बच्चों (कक्षा 1 से 5) को उनकी जीवनी चित्रकथाओं और कविताओं के माध्यम से रोचक और सरल तरीके से सिखाई जाएगी। वहीं, उच्च कक्षाओं (कक्षा 6 से 10) में सामाजिक विज्ञान, भाषा और जन आंदोलनों से जुड़े पाठों के जरिए उनके कार्यों को समझाया जाएगा। कक्षा 11 के छात्रों के लिए शिबू सोरेन का प्रसिद्ध 19 सूत्री कार्यक्रम भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा, जो उनके जनजातीय समुदायों के उत्थान और सामाजिक न्याय के लिए दृष्टिकोण को दर्शाता है।

झारखंड के शिक्षा विभाग ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को शिबू सोरेन के संघर्ष, नेतृत्व और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान से प्रेरित करना है। नई किताबें और शिक्षण सामग्री तैयार करने का काम शुरू हो चुका है, जो अगले सत्र से सभी स्कूलों में उपलब्ध होगी।

जाहिर है निर्णय झारखंड के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिबू सोरेन, जिन्हें ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाना जाता है, ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में आदिवासी अधिकारों और राज्य के गठन में अहम भूमिका निभाई थी।

 

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