झामुमो ने सूर्या हांसदा को बताया अपराधी, हेमलाल मुर्मू ने प्रेस वार्ता में लगाए गंभीर आरोप
रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और लिट्टीपाड़ा से विधायक हेमलाल मुर्मू ने रांची में झामुमो के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सूर्या हांसदा को अपराधी करार दिया। उन्होंने सूर्या हांसदा के आपराधिक इतिहास का खुलासा करते हुए कहा कि वह एक शार्प शूटर था और संथाल परगना क्षेत्र में उसका आतंक व्याप्त था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुर्मू ने बताया कि सूर्या हांसदा के खिलाफ वर्ष 2003 से आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ विभिन्न जिलों के थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनका विवरण झामुमो द्वारा जारी एक PDF में साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा का डर इतना था कि पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम भी उसके क्षेत्र में जाने से कतराते थे।
राजनीतिक दलों पर टिकट देने का आरोप
हेमलाल मुर्मू ने सूर्या हांसदा को विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा समर्थन दिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के नेता बाबूलाल मरांडी ने उन्हें टिकट दिया, फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें समर्थन दिया। इसके बाद, जब अन्य दलों ने टिकट देने से इनकार किया, तो जयराम महतो ने उन्हें झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) से टिकट दिया। मुर्मू ने जोर देकर कहा कि सूर्या हांसदा को लोग हमेशा एक अपराधी के रूप में ही जानेंगे।
भाजपा पर “आदिवासी प्ले कार्ड” का आरोप
मुर्मू ने भाजपा पर सूर्या हांसदा के एनकाउंटर को “आदिवासी प्ले कार्ड” के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अपराधी का कोई जाति या धर्म नहीं होता, वह सिर्फ अपराधी होता है।” भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक रंग देकर आदिवासी समुदाय के खिलाफ गलत नैरेटिव बना रही है।
झामुमो ने जारी किया PDF
झामुमो ने सूर्या हांसदा के आपराधिक इतिहास को उजागर करने के लिए एक PDF साझा किया है, जिसमें उनके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की जानकारी दी गई है। इस PDF के जरिए पार्टी ने यह साबित करने की कोशिश की है कि सूर्या हांसदा का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा और गंभीर है।
संथाल परगना में तनाव
सूर्या हांसदा का मामला संथाल परगना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हेमलाल मुर्मू के बयान और झामुमो द्वारा जारी PDF ने इस मामले को और गर्म कर दिया है। यह प्रेस वार्ता झारखंड की सियासत में नई बहस को जन्म दे सकती है, खासकर तब जब विधानसभा चुनाव हाल ही में संपन्न हुए हैं और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

















