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धनबाद के SNMMCH अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला: मरीज की मौत के बाद हंगामा, हड़ताल से इमरजेंसी सेवाएं ठप…

धनबाद के SNMMCH अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला: मरीज की मौत के बाद हंगामा, हड़ताल से इमरजेंसी सेवाएं ठप…

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धनबाद, 29 अगस्त  : झारखंड के धनबाद जिले के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में गुरुवार रात एक मरीज की मौत के बाद भारी हंगामा मच गया। मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन पर हमला कर दिया, जिसमें करीब आधा दर्जन डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए। इस घटना के विरोध में सभी डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। सैकड़ों मरीज इलाज के अभाव में परेशान हैं, और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर कैम्प किये हुए  हैं।

घटना का पूरा विवरण

घटना SNMMCH के मेडिसिन विभाग की इमरजेंसी वार्ड में शाम करीब 6 बजे घटी। एक मरीज को दोपहर में डॉक्टरों की टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रांची के रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) के लिए रेफर करने का सुझाव दिया था। हालांकि, मरीज के परिजनों ने रेफरल से इनकार कर दिया। शाम होते-होते मरीज की हालत बिगड़ गई, और परिजनों ने अस्पताल से एम्बुलेंस की मांग की। डॉक्टरों ने उन्हें 108 आपातकालीन सेवा से एम्बुलेंस मंगवाने की सलाह दी, लेकिन तब तक मरीज की मौत हो गई।

मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों पर हाथापाई शुरू कर दी। हमले में कई डॉक्टरों को चोटें आईं, और अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिजनों ने डॉक्टरों को पीटा और उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत धनबाद पुलिस को सूचना दी, जो मौके पर पहुंचकर हंगामे को शांत कराया।

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डॉक्टरों की हड़ताल और मरीजों की परेशानी

हमले के बाद नाराज जूनियर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था की घोर लापरवाही का आरोप लगाया। डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी और अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। हड़ताल के कारण इमरजेंसी, OPD और अन्य सेवाएं बाधित हो गईं। सुबह से ही सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति में उन्हें निराशा हाथ लगी।

डॉक्टरों का कहना है कि यह घटना अस्पताल में बढ़ते हिंसा के मामलों की एक कड़ी है। वे मांग कर रहे हैं कि अस्पताल परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था (जैसे CCTV कैमरे, अधिक गार्ड्स और डॉक्टर संरक्षण अधिनियम का सख्ती से पालन) सुनिश्चित की जाए। साथ ही, हमलावरों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज हो और उन्हें सजा दी जाए। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच

अस्पताल अधीक्षक ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस जांच जारी है और हमलावरों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हड़ताल समाप्त करने के लिए डॉक्टरों से बातचीत शुरू की है, लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। धनबाद के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल का दौरा किया और स्थिति को सामान्य बनाने के निर्देश दिए।

आगे की राह

हड़ताल 29 अगस्त सुबह तक जारी है, और स्वास्थ्य मंत्री स्तर पर हस्तक्षेप की संभावना है। दृष्टि नाउ सलाह देता है की फिलहाल मरीज  निकटतम निजी अस्पतालों या 108 एम्बुलेंस सेवा का सहारा लें।

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