कोडरमा: सच्चे प्यार की मिसाल, मुस्लिम लड़की ने हिंदू लड़के से शिव मंदिर में रचाई शादी …सात साल से था प्यार …
कोडरमा: सच्चे प्यार की मिसाल, मुस्लिम लड़की ने हिंदू लड़के से शिव मंदिर में रचाई शादी …सात साल से था प्यार …
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झूमरी तिलैया, कोडरमा (झारखंड), 29 अगस्त – सच्चा प्यार किसी धर्म, जाति या दीवार को नहीं मानता। यह पुरानी कहावत आज झारखंड के कोडरमा जिले के झूमरी तिलैया में चरितार्थ हुई, जहां एक मुस्लिम लड़की ने अपने हिंदू लड़के से हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी कर ली।

झूमरी तिलैया के मायका नेट इलाके की रहने वाली काजल खातून और अड्डी बंगला के निवासी सन्नी के बीच पिछले सात वर्षों से प्रेम संबंध चल रहे थे। दोनों के रिश्ते की खबर फैलते ही काजल के परिवार ने इसका कड़ा विरोध किया। हालांकि, सन्नी के परिवार को इस शादी में कोई आपत्ति नहीं थी। परिवार के विरोध के बावजूद काजल ने हार नहीं मानी और अपनी मर्जी से आगे बढ़ने का फैसला लिया।
अंततः, काजल ने घर से खिलाफ कोडरमा रेलवे स्टेशन परिसर स्थित शिव मंदिर में सन्नी से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर ली। शादी के दौरान सन्नी ने काजल की मांग में सिंदूर भरा, और सात फेरे लिए। शादी में सन्नी के परिवार के सदस्य मौजूद थे, लेकिन काजल के कोई परिजन नहीं पहुंचे।

मीडिया से बातचीत में काजल खातून ने कहा, “यह शादी मेरी पूरी सहमति से हुई है। मैंने कई बार अपने परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे इसके खिलाफ थे। अब हम दोनों साथ हैं और खुश हैं। लेकिन समाज के कुछ लोग बेवजह मेरी बहन, मां-बाप को बदनाम कर रहे हैं। अगर उनके परिवार को कुछ हुआ, तो इसका जिम्मेदार समाज ही होगा।” वहीं, सन्नी ने खुशी से कहा, “हमारा प्रेम सात साल पुराना है, और आज इसे मंजिल मिल गई। मैं काजल को हमेशा खुश रखूंगा।”

भारत मे इंटरफेथ मैरिज विशेष विवाह
अधिनियम-1954 के तहत होती है । ऐसी शादियां कानूनी रूप से मान्य हैं, बशर्ते दोनों पक्ष वयस्क और सहमत हों।
हालांकि, सामाजिक दबाव और परिवार का विरोध अक्सर ऐसी शादियों में बाधा बन जाता है। कोडरमा पुलिस ने इस मामले में कोई शिकायत न मिलने पर हस्तक्षेप नहीं किया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने दंपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।

















