नामांकन में खामियां होने के बावजूद स्वीकार, INDIA गठबंधन ने बीजेपी-EC पर साधा निशाना
रांची: INDIA गठबंध की PC ….झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के नामांकन को स्वीकार किए जाने के बाद इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्वाचन आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला।
नामांकन में खामियां होने के बावजूद स्वीकृति, आरोप लगाया प्रेस कॉन्फ्रेंस में
झारखंड के वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता राधाकृष्ण किशोर ने कहा, “परिमल नाथवाणी के आवेदन में बड़ी-बड़ी तकनीकी खामियां थीं, फिर भी केंद्रीय निर्वाचन आयोग के रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन स्वीकार कर लिया।”उन्होंने आरोप लगाया कि देश में दो निर्वाचन आयोग चल रहे हैं — एक देश का और दूसरा “निर्दलीय उम्मीदवार (बीजेपी समर्थित) का”। किशोर ने कहा, “बीजेपी ने जिस तरह काम किया, उसे समझने की जरूरत है। अगर परिमल नाथवाणी जीत जाते हैं तो सीट बीजेपी की झोली में जाएगी, अगर हार गए तो कहा जाएगा कि वे बीजेपी के उम्मीदवार नहीं थे।”कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि नाथवाणी के नामांकन पत्र पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। रिटर्निंग ऑफिसर ने 11 बजे का समय दिया, जबकि मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन को कोई समय नहीं दिया गया।
झामुमो ने भी उठाए सवाल
झामुमो केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि गठबंधन ने पहले ही निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया।भट्टाचार्य ने सवाल किया, “बीजेपी को पता था कि वह चुनाव नहीं जीतेगी, फिर भी उसने तीसरा उम्मीदवार उतार दिया। हम एकजुट हैं और हमारे पास 56 विधायकों का समर्थन है।”उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दो दिन झारखंड में रहे। पीएम आर्थिक परिषद के सदस्य गौरव वल्लभ रांची आए और पर्चा खरीदा, लेकिन बाद में निर्दलीय परिमल नाथवाणी को समर्थन दे दिया गया।
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम (झामुमो) और प्रणव झा (कांग्रेस) मैदान में हैं, जबकि परिमल नाथवाणी (बीजेपी समर्थित निर्दलीय) त्रिकोणीय मुकाबला बना रहे हैं।

















