JPSC पेपर लीक पर उबाल: रांची में छात्रों का प्रदर्शन, आयोगों में व्यापक सुधार की मांग

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पीटी परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CID द्वारा JPSC के कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच और कार्रवाई जारी है।
इसी क्रम में शनिवार को राजधानी रांची के मोराबादी स्थित ऐतिहासिक बापू वाटिका के समक्ष छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और “JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान” का आधिकारिक शुभारंभ किया। प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की कि जब तक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और व्यापक सुधार नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने कहा कि 25 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान के प्रथम चरण में वे महात्मा गांधी के बताए अहिंसा और शांतिपूर्ण मार्ग पर चलते हुए अनिश्चितकालीन सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले 26 वर्षों में JPSC और JSSC द्वारा आयोजित लगभग हर परीक्षा विवादों में रही है, जिनमें धांधली, पेपर लीक, अदालतों में मुकदमे, धरना-प्रदर्शन और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा, “छात्र उपद्रवी नहीं होते, वे अपने भविष्य के लिए पढ़ाई करने वाले युवा हैं। लेकिन मौजूदा व्यवस्था ने उन्हें सड़कों पर उतरने और न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर कर दिया है।”
छात्रों ने दावा किया कि राज्य के युवाओं का आयोगों की कार्यप्रणाली से विश्वास उठता जा रहा है। उन्होंने हाल ही में आयोजित फील्ड वर्कर परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि परीक्षा में केवल 24 से 25 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि करीब 75 से 76 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया। इसे उन्होंने युवाओं के असंतोष और अविश्वास का स्पष्ट संकेत बताया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि JPSC और JSSC में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।

















