नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों से हिली राजनीति, भारत के नेपाली समुदाय ने जताया शोक

नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों से हिली राजनीति, भारत के नेपाली समुदाय ने जताया शोक

रांची : नेपाल में हाल ही में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने न केवल वहां के राजनीतिक परिदृश्य को हिला दिया है, बल्कि भारत में रह रहे नेपाली समुदाय को भी गहरा दुख पहुंचाया है। जनरेशन-जेड युवाओं द्वारा शुरू किए गए इन प्रदर्शनों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन देश में अभी भी तनाव बरकरार है।

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रांची में नेपाली मूल के लोग इस उपद्रव को लेकर शोक व्यक्त किया है, और भगवान से नेपाल में जल्द अमन चैन की कामना की है। नेपाली समुदाय के लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं और नेपाल में जल्द से जल्द शांति बहाल होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

भारत में रहने वाले नेपाली समुदाय ने नेपाल में हुई हिंसा पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नेपाल में हो रही हिंसा देखकर दिल टूट रहा है। हम सभी यहां प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो।

नेपाल में हुए उपद्रव के बाद कई भारतीय पर्यटक वहां फंसे हुए हैं। नेपाल के ट्रिबहुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करना पड़ा है, जिससे यात्रा प्रभावित हो रही है। नेपाली समुदाय के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अंतरिम सरकार जल्द बनेगी और स्थिरता लौटेगी।

फिलहाल, भारत ने नेपाल सीमा पर अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। भारतीय दूतावास ने फंसे पर्यटकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी की है और सभी भारतीयों को यात्रा से बचने की सलाह दी है। नेपाल की राजनीतिक अस्थिरता 2008 से चली आ रही है, जहां 14 सरकारें बदलीं लेकिन कोई पूर्ण कार्यकाल पूरा नहीं कर सका।

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