श्री सर्वेश्वरी समूह का 65वां स्थापना दिवस राँची में हर्षोल्लास के साथ संपन्न

श्री सर्वेश्वरी समूह की राँची शाखा में आज 65वां स्थापना दिवस उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया। 21 सितंबर 1961 को समूह के संस्थापक परमपूज्य अघोश्वर भगवान राम ने मानवता के कल्याण के लिए इस संस्था की नींव रखी थी। वर्तमान में समूह की 150 से अधिक शाखाएँ देश-विदेश में कार्यरत हैं, जो धार्मिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज सेवा में योगदान दे रही हैं।
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रातःकाल राँची शहर में प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ सर्वेश्वरी भजनों के साथ नगर भ्रमण किया। इसके पश्चात आश्रम परिसर में सर्वेश्वरी ध्वज पूजन, गुरु पूजन और सदग्रंथ *सफल योनि* का पाठ किया गया।
आश्रम के पंडाल में किरण द्विवेदी की अध्यक्षता में एक लघु पारिवारिक विचार गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें कर्नल रामचंद्र नाथ शाहदेव, सैलजा कुमारी, शशिभूषण शाहदेव, कृष्ण कुमार गुप्ता, अभिजीत रौनियार, समुद्रश्री शाहदेव और नयन मंजरी देवी ने अपने विचार व्यक्त किए। विशेष वक्ता के रूप में झारखंड न्यायिक अकादमी के निदेशक राजेश शरण सिंह और झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कश्यप ने समूह के आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। गोष्ठी का संचालन शाखा के संयुक्त मंत्री अभय सहाय ने किया, जबकि प्रचार मंत्री नवीन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
दोपहर में शहीद चौक स्थित शहीद स्मारक पर दीप दान, स्थानीय धार्मिक स्थलों में झाड़ू वितरण और बारियातु के चेशायर होम में अंतर्वासियों के बीच फल वितरण जैसे सामाजिक कार्य किए गए। सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ स्थापना दिवस का कार्यक्रम संपन्न हुआ।


















