पीएम मोदी ने INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों संग मनाई दिवाली: ‘आत्मनिर्भर भारत’ का प्रतीक बने विमानवाहक पोत पर दीये की रोशनी और मिठाई का स्वाद

देशभर में दीपावली की धूम मचते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी परंपरा को कायम रखते हुए इस बार भारतीय नौसेना के बहादुर जवानों के साथ त्योहार मनाया। गोवा और करवार के तट पर स्थित देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर सवार होकर पीएम मोदी ने जवानों के बीच दिवाली का उत्सव मनाया। इस खास मौके पर उन्होंने अपने हाथों से मिठाई बांटी, दीये जलाए और देशभक्ति गीतों के बीच जवानों को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “यह दिवाली मेरे लिए बेहद खास है। एक तरफ मेरे सामने अनंत क्षितिज और असीम आकाश है, तो दूसरी तरफ विशाल INS विक्रांत है, जो असीम शक्ति का प्रतीक है। समुद्र के पानी पर सूर्य की किरणों की चमक और बहादुर सैनिकों द्वारा जलाए गए दीये मिलकर दिवाली की चमक को और भी अद्भुत बना देते हैं।” उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया कि वे नौसेना के जवानों के बीच इस पावन पर्व को मना रहे हैं।

INS विक्रांत पर सवार पीएम मोदी ने मिग-29K लड़ाकू विमानों के एयर पावर डेमो को भी निहारा। दिन और रात दोनों समय फ्लाइट डेक पर विमानों को उड़ान भरते और लैंड करते देखा। इस दौरान उन्होंने जवानों से कहा, “विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं है, बल्कि 21वीं सदी के भारत के परिश्रम, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” पीएम ने INS विक्रांत को दुश्मन की साहस का अंत करने वाला बताया और कहा कि इसका नाम ही शत्रुओं को कांप देता है।

विशेष रूप से, प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र किया, जिसमें INS विक्रांत की भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने कहा, “नौसेना द्वारा पैदा किए गए भय, वायुसेना के अद्भुत कौशल और सेना की जांबाजी ने पाकिस्तान को रिकॉर्ड समय में घुटनों पर ला दिया। INS विक्रांत ने दुश्मन की रातों की नींद हराम कर दी। ब्रह्मोस और बराक मिसाइलों की ताकत ने शत्रुओं को दूर से नेस्तनाबूद कर दिया।” पीएम ने तीनों सेनाओं को सलाम किया और कहा कि आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता अब दुनिया में सबसे मजबूत है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने जवानों की वीरता की सराहना करते हुए माओवादी आतंक के खात्मे को देश की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा, “जो खुद के दम पर लड़ता है, उसका पलड़ा हमेशा भारी होता है। सशस्त्र बलों के अनुशासन और प्रतिबद्धता ने यह संभव बनाया।” INS विक्रांत पर मनाई गई यह दिवाली न केवल त्योहार की रौनक से सजी रही, बल्कि देश की एकजुटता और सैन्य शक्ति का प्रतीक भी बनी।

पीएम मोदी ने जवानों से बातचीत में कहा कि वे कल से ही नौसैनिकों के बीच हैं और उनके जोश को देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह दौरा गोवा के तट पर आयोजित किया गया, जहां समुद्र की लहरों के बीच दीपमालाओं की चमक ने माहौल को और भी जादुई बना दिया।

प्रधानमंत्री मोदी हर साल सीमाओं पर तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाते हैं। पिछले वर्षों में वे जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों में सैनिकों के बीच पहुंचे थे। इस बार INS विक्रांत का चयन आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

















