रामरेखा मेला के दौरान नहीं लगेगी जाम, श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी : डीसी सिमडेगा ने धाम के समग्र विकास का खींचा खाका
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : सिमडेगा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल रामरेखा धाम में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले और राजकीय रामरेखा महोत्सव को अगले वर्ष और अधिक सुगम, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रथम राजकीय रामरेखा महोत्सव-सह-मेला के सफल आयोजन के बाद सोमवार को डीसी कंचन सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, जाम की समस्या दूर करने और धाम के समग्र विकास पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस वर्ष पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित महोत्सव में अपार श्रद्धालु उमड़े थे, जिससे पार्किंग, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं में कुछ चुनौतियां सामने आईं। इन्हें दूर करने के लिए अगले वर्ष के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। डीसी ने कहा कि रामरेखा धाम की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखते हुए इसे पर्यटन की दृष्टि से विश्वस्तरीय स्थल बनाने की दिशा में काम होगा।
रामरेखा धाम समिति के सदस्यों ने तीन नए मार्गों के निर्माण का प्रस्ताव रखा, जिसे प्रशासन ने सैद्धांतिक सहमति दे दी। ये मार्ग हैं: कैरबेड़ा चौक से भूम्भू, बानाबिरा से कोण्डरा और शहीद स्थल से रामरेखा मंदिर के नीचे बेस गांव तक शामिल हैं।
इन मार्गों के बन जाने से श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते उपलब्ध होंगे और जाम की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। घाटी क्षेत्र के चौड़ीकरण के लिए वन विभाग से क्लियरेंस हेतु पथ निर्माण विभाग को प्रस्ताव भेजने का निर्णय भी लिया गया।
रामरेखा धाम की प्राकृतिक छटा को बचाने के लिए डीसी कंचन सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले वर्ष से मेला परिसर में प्लास्टिक एवं थर्मोकोल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मेला क्षेत्र में दुकानों को श्रेणीवार अलग-अलग लगाने, परिसर का विस्तार करने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने पर भी सहमति बनी।
अन्य प्रमुख सुविधाओं में पार्किंग व्यवस्था को बड़े स्तर पर विस्तार, वैकल्पिक मार्गों का त्वरित निर्माण, विद्युत, मोबाइल नेटवर्क, संचार व्यवस्था एवं पेयजल आपूर्ति को मजबूत करना और मेला क्षेत्र को आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाना शामिल है।
बैठक में उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार, नजारत उप समाहर्ता-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर रेनियर खालखो, प्रखंड विकास पदाधिकारी पाकरटांड़ सहित अन्य पदाधिकारी एवं रामरेखा धाम समिति के सदस्य उपस्थित थे।


















