उपायुक्त के जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़, कई मामलों का मौके पर निपटारा
रांची : उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के साप्ताहिक जनता दरबार में सोमवार को ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जाति-आवासीय-आय प्रमाण-पत्र, राजस्व मामले और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतों का फरियादियों ने सीधे उपायुक्त के सामने रखा।
जनता दरबार में उपस्थित प्रत्येक आवेदक की शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए उपायुक्त श्री भजन्त्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी शिकायत का अनावश्यक लंबित रहना स्वीकार्य नहीं होगा और सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें। गंभीर मामलों में स्वयं क्षेत्रीय निरीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को भी कहा गया।
उपायुक्त ने कहा, “शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। जनता दरबार का उद्देश्य आमजन को एक ही मंच पर सभी विभागों की मौजूदगी में शीघ्र, सरल और न्यायसंगत राहत देना है।”
जनता दरबार में एक मार्मिक मामला सामने आया जब जितेंद्र नाथ नामक व्यक्ति ने बताया कि वे जन्म से झारखंड के स्थानीय निवासी और आदिवासी परिवार से हैं, लेकिन उनके पास स्वयं की कोई जमीन नहीं है। अपने मेधावी पुत्र के JEE परीक्षा एवं कॉलेज प्रवेश हेतु आवासीय प्रमाण-पत्र के लिए उन्होंने अंचल कार्यालय में सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे, लेकिन अंचल अधिकारी केवल जमीन न होने का हवाला देकर प्रमाण-पत्र देने से इनकार कर रहे थे और महीनों से उन्हें दौड़ाया जा रहा था। उपायुक्त ने तत्काल संबंधित अंचल अधिकारी को फोन लगाकर कड़ी फटकार लगाई और 24 घंटे के अंदर आवासीय प्रमाण-पत्र जारी करने का स्पष्ट निर्देश दिया। साथ ही इसकी अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी।
जनता दरबार में भूमि विवाद, पेंशन स्वीकृति, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र सहित दर्जनों मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जिससे फरियादियों के चेहरे पर राहत और संतोष दिखा। आमजन ने उपायुक्त की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि ऐसा सीधा संवाद जिला प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी बन रहा है।
जनता दरबार प्रत्येक सोमवार को प्रातः 10:30 बजे से जिला समाहरणालय परिसर में आयोजित किया जाता है, जिसमें सभी विभागों के वरीय अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहते हैं।


















