हजारीबाग जेल ब्रेक: फिल्मी अंदाज में 17 फीट दीवार फांदकर फरार हुए तीन उम्रकैद कैदी, अब तक कोई सुराग नहीं, सुरक्षा चूक पर दो कर्मियों पर गिरी गाज
हजारीबाग : झारखंड की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी कारा) से तीन उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों के फरार होने की घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना 31 दिसंबर 2025 की देर रात की बताई जा रही है, जब तीनों कैदी फिल्मी स्टाइल में दीवार फांदकर फरार हो गए। अब तक फरार कैदियों का कोई सुराग नहीं मिला है, जबकि पुलिस और जेल प्रशासन की टीमें बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रही हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!फरार कैदियों की पहचान जीतेंद्र राजवार, राहुल राजवार और डोलो भुइयां के रूप में हुई है। ये सभी धनबाद जिले के निवासी हैं और पोक्सो एक्ट के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। जेल सूत्रों के अनुसार, कैदियों ने टेंट के कपड़े से रस्सी बनाई, लोहे का हुक फंसाकर 17 फीट ऊंची दीवार पर चढ़े और बिजली के तार काटकर बाहर निकल गए। जेल में पांच लेयर की सुरक्षा, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और सशस्त्र जवानों की तैनाती के बावजूद यह घटना हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है।
घटना की प्रारंभिक जांच में सुरक्षा में लापरवाही सामने आने पर जेल प्रशासन ने दो कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इससे पहले भी सुरक्षा चूक के आरोप में जेल आईजी ने 12 सुरक्षा कर्मियों को सस्पेंड किया था, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का दावा किया गया था। बावजूद इसके यह जेल ब्रेक होना जेल महकमे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
यह जेल खूंखार अपराधियों, नक्सलियों और हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए जानी जाती है। हाल के दिनों में यहां सुरक्षा को लेकर कई कार्रवाइयां हुई थीं, लेकिन यह घटना एक बार फिर कमियों को उजागर कर रही है। पुलिस का कहना है कि फरार कैदियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से चुनौती बढ़ गई है।















