IRCTC घोटाला मामला: लालू प्रसाद यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत नहीं, CBI को नोटिस जारी
नई दिल्ली : राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को कथित IRCTC होटल घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने लालू यादव की उस याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी है। हालांकि, कोर्ट ने इस चरण में मुकदमे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने सोमवार को लालू यादव की याचिका और स्टे एप्लीकेशन पर CBI से जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को तय की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि CBI का पक्ष सुने बिना ट्रायल पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। CBI का आरोप है कि रांची और पुरी में IRCTC के दो होटलों (BNR होटल) के रखरखाव और संचालन के टेंडर में हेराफेरी की गई। इन टेंडरों को निजी कंपनी सुजाता होटल्स को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावित किया गया, बदले में लालू परिवार को पटना में कीमती जमीन और शेयर सस्ते दामों पर ट्रांसफर किए गए।
13 अक्टूबर 2025 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120B (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। ट्रायल कोर्ट ने इसे “क्रोनी कैपिटलिज्म” का उदाहरण बताया था। सभी आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताया था।
लालू यादव ने हाईकोर्ट में ट्रायल कोर्ट के आदेश को गलत बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष थी और कोई अनियमितता नहीं हुई।
CBI ने मामले में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें लालू परिवार के अलावा कई रेल अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।

















