सिमडेगा में मकर संक्रांति को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन छापेमारी: मिलावटी तिलकुट और गुड़ के नमूने जांच के लिए भेजे
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जिलेवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष सतर्कता बरतते हुए बड़े स्तर पर छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान मिलावटी, एक्सपायर्ड या अमानक तिलकुट, गुड़ और अन्य त्योहारी खाद्य पदार्थों पर कड़ी नजर रखी गई।
अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी ने किया। टीम ने मुख्यालय क्षेत्र के प्रमुख बाजारों और दुकानों पर औचक निरीक्षण किया, जिसमें गोयल स्टोर, राजू केशरी फल दुकान।और नीचे बाजार स्थित होलसेल शंभू अग्रवाल के गडोदिया किराना जैसी दुकानों को शामिल किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने गोयल स्टोर और राजू केशरी फल दुकान से तिलकुट के नमूने और गडोदिया किराना से गुड़ और खाद्य तेल के नमूने लिए।
ये सभी नमूने राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, जहां इनकी शुद्धता, गुणवत्ता और किसी भी प्रकार की मिलावट की जांच की जाएगी। रिपोर्ट आने पर यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना, सामग्री जब्ती और लाइसेंस रद्द करना शामिल हो सकता है।
विभाग ने जिले की सभी मीट और मुर्गा दुकानों के संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि व्यवसाय चलाने के लिए FSSAI लाइसेंस/पंजीकरण अनिवार्य है। लाइसेंस से पहले स्थानीय निकाय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC लेना जरूरी है। खुले में मांस काटना या लटकाकर बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बिना लाइसेंस के कारोबार करने पर भारी दंड, जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई होगी।
दुकानों में साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ पानी का उपयोग, और कर्मचारियों द्वारा एप्रन, ग्लव्स व हेडगियर पहनने जैसे नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा, “त्योहारों के दौरान मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर विभाग की शून्य सहिष्णुता नीति रहेगी। ऐसे अभियान निरंतर चलते रहेंगे ताकि जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।”

















