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अमेरिका ने 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग पर लगाई रोक: बड़ा फैसला 21 जनवरी से लागू

वाशिंगटन: अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने एक बड़े फैसले में 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रोसेसिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह कदम उन आवेदकों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो अमेरिका में आकर सार्वजनिक लाभों (पब्लिक चार्ज) पर बोझ बन सकते हैं। फॉक्स न्यूज के अनुसार, स्टेट डिपार्टमेंट के एक आंतरिक ज्ञापन में कांसुलर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मौजूदा कानून के तहत वीजा आवेदनों को अस्वीकार कर दें, जबकि विभाग स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है।

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प्रभावित देशों की सूची में शामिल प्रमुख देशों में सोमालिया, रूस, अफगानिस्तान, ईरान, ब्राजील, इराक, मिस्र, नाइजीरिया, थाईलैंड और यमन शामिल हैं। यह फैसला एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व के देशों को प्रभावित करेगा।

कब से लागू होगी रोक?

यह रोक 21 जनवरी 2026 से शुरू होगी और विभाग द्वारा वीजा प्रोसेसिंग की समीक्षा पूरी होने तक अनिश्चित काल तक जारी रहेगी। इस दौरान नए वीजा आवेदनों पर कार्रवाई नहीं होगी, और कांसुलर अधिकारी मौजूदा कानून के तहत इन्हें ठुकरा सकेंगे।

पृष्ठभूमि: मिनेसोटा घोटाला और पब्लिक चार्ज नियम

यह कदम अमेरिका में चल रहे सख्त इमिग्रेशन नीतियों का हिस्सा है। विशेष रूप से सोमालिया पर फोकस बढ़ा है, क्योंकि मिनेसोटा राज्य में एक बड़े पैमाने पर फ्रॉड स्कैंडल का खुलासा हुआ था। इस घोटाले में सोमाली नागरिकों या सोमाली-अमेरिकियों की संलिप्तता सामने आई, जहां सरकारी लाभ कार्यक्रमों (जैसे चाइल्ड फूड असिस्टेंस और अन्य सोशल सर्विसेज) से सैकड़ों मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की गई। ट्रंप प्रशासन ने इसे आधार बनाकर इमिग्रेशन स्क्रीनिंग को और सख्त करने का फैसला किया है।

यह रोक मुख्य रूप से इमिग्रेंट वीजा (परमानेंट रेसिडेंसी से जुड़े) पर लागू है, और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले आवेदक अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ न बनें।

यह फैसला उन लाखों लोगों को प्रभावित कर सकता है जो अमेरिका में काम, पढ़ाई या परिवार से जुड़ने के लिए वीजा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन क्रैकडाउन की एक और बड़ी कड़ी है।

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