खूंटी में पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में झारखंड बंद का व्यापक असर,सड़कों पर उतरे ग्रामीण,आगजनी कई जिलों में जनजीवन प्रभावित
खूंटी में पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में झारखंड बंद का व्यापक असर,सड़कों पर उतरे ग्रामीण,आगजनी कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

रांची/खूंटी, 17 जनवरी : खूंटी जिले के प्रतिष्ठित आदिवासी नेता एवं एदेल संगा पड़हा राजा सोमा मुंडा की क्रूर हत्या के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाए गए झारखंड बंद का आज राज्य के कई हिस्सों में जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है।
खासकर खूंटी, सरायकेला-खरसावां और चाईबासा जैसे जिलों में सड़कें जाम, दुकानें-बाजार बंद और यात्री वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप है।
बंद का असर कहां-कहां?
खूंटी: सुबह से ही ग्रामीण और आदिवासी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रमुख मार्ग जाम, तोरपा, मारचा, कर्रा, रनिया आदि इलाकों में भी प्रभाव दिखा।
चाईबासा और सरायकेला: टायर जलाकर प्रदर्शन, सड़क जाम और बस सेवाएं ठप।
रांची: असर सीमित रहा, बाजार ज्यादातर खुले, लेकिन कुछ इलाकों जैसे दलादली चौक पर जाम और प्रदर्शन देखे गए।
अन्य जिलों जैसे लोहरदगा, सिमडेगा और गुमला में भी आंशिक असर।
मुख्य मांगें
आदिवासी समन्वय समिति (खूंटी) सहित 30 से अधिक संगठनों (आदिवासी बचाओ मोर्चा, मानकी मुंडा संघ, केंद्रीय सरना समिति, आदिवासी महासभा) ने मुख्य आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी, CBI जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
वैसे पुलिस ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे अपर्याप्त बता रहे हैं और असली साजिशकर्ताओं व शूटरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। खूंटी में 42 दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। आवश्यक सेवाएं (अस्पताल, दवा दुकान, एम्बुलेंस, दूध सप्लाई) बंद से मुक्त रखी गई हैं।
जाहिर है यह बंद 7 जनवरी को खूंटी के जियारप्पा गांव के पास जमीन विवाद से जुड़ी साजिश के तहत सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या के विरोध में बुलाया गया था।
सोमा मुंडा अबुआ झारखंड पार्टी से जुड़े थे और 2024 विधानसभा चुनाव में खूंटी सीट से उम्मीदवार भी रहे थे। वे 56 गांवों के पारंपरिक पड़हा राजा थे, जिन्होंने जीवन भर जल-जंगल-जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

















